- अगर आपको अक्सर ऐसा लगता है कि सफलता आपके हाथ नहीं आ रही, तो शायद अब आपको अपनी कोशिशों में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है| जीवन में प्रायः हर कोई सफलता पाना चाहता है ,लेकिन सफलता त्याग और समर्पण चाहती है | व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने के लिए ईमानदारी के साथ कठिन परिश्रम करना चाहिए गीता में भी कर्म को प्रधानता दी गयी है | जो भी व्यक्ति सफल हुआ उसके पास करने के लिए वही सब था जो आप के पास है लेकिन उनका तरीक़ा अलग था |स्वामी विवेकानंद ने कहा था तब तक न रुको जब तक तुम्हारा लक्ष्य प्राप्त न हो जाये |जीवन में सफल होने के लिए आशावादी होना भी जरुरी है क्योकि आशावादी लोगों को खतरे में भी अवसर नजर आता है और निराशावादी व्यक्ति को अवसर में भी खतरा | अगर आपने कड़ी मेहनत और संघर्षो के बल पर सफलता पाई है तो उसके महत्त्व को समझते हुए उसका सदुपयोग कीजिये एक बात हमेशा ध्यान रखिये अपने अतीत को कभी न भूलिए |लौकिक सुख-संसाधनों के साथ-साथ यदि आध्यात्मिक वैभव नहीं है तो सफलतायें चिरस्थायी नहीं हो सकती |धन भी परेशानी का कारण बन जाता है,क्योकि उसमे शांति नहीं है |मन की शांति की जीवन में नितांत आवश्यकता होती है क्योकि अदि आपके पास सबकुछ होते हुए भी सुख और शांति नहीं है तो उसका कोई मतलब नहीं |क्षेत्र चाहे शिक्षा का हो ,साधना का हो,व्यवसाय का हो,सामाजिक हो ,राजनितिक हो,सांस्कृतिक हो दृष्टि यदि सटीक और सही है तो व्यक्ति लक्ष्य प्राप्त करने में सफल होता होता है |कहा भी गया है जो जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है |भगवान उन्ही की मदद करते है जो अपनी मदद करने में सक्षम है |आज की तकनीकी और भाग-दौड भरे जीवन में मनुष्य स्वयं केन्द्रित हो गया है उसे सामाजिक सरोकारों से कोई लेना देना नहीं है व्यक्ति अपने विचारो से अपनी सोच से जिस क्षेत्र में चाहे सफल होकर कीर्तिमान स्थापित कर सकता है इस सन्दर्भ में एक बात कहनी चाहिए की सफलता प्राप्त करने के बाद घमंड नहीं करना चाहिए |घमंड पतन की ओर ले जाता है रावण का क्या हुआ सबको पता है इसलिए यदि आप आसमान में उड़ रहे हों तो भी धरती को कभी न भूलें क्योकि आपको भी एक दिन इसी जमीन पर आना है सफलता प्राप्ति के बाद विनम्र होना आवश्यक है विनम्रता का गुण ही व्यक्ति को महान बनाता है |
Saturday, 31 October 2015
सफलता के सोपान
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