खा खा के मोटापे के शिकार हुए , कुत्तों को दूध और बिस्कुट खिलाने वाले भूख की कीमत क्या जानेंगे। देश का दुर्भाग्य लगभग 40 फीसदी लोग भूख या कुपोषण के शिकार हैं और हम चले दुनिया की महाशक्ति बनने। अमीर गरीब के बीच बढ़ती खाईं परेशान करने वाली। देश मे बेरोजगारों की भींड दुखद। अब तज सरकारों ने खूब लंबी चौड़ी बातें की। क्या सरकारें सोचती हैं कि बातों और दावों से लोगों का भला हो जाएगा या सोचती हैं कि लोगों का भला हो जाएगा तो हमारी दुकान कैसे चलेगी। अब तक की सरकारों के दावों और वादों को देखें तो हकीकत से कोसों दूर हैं। देश में कुछ नहीं बदल रहा। लोगों का ध्यान मूल मुद्दों और समस्याओं से हटाकर एजेंडा सेटिंग कर दी जाती है। मीडिया(अधिकतर tv channel) भी हनीप्रीत, राधे माँ जैसे मसालेदार सामग्री में खोया है। गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसान या भुखमरी जैसे मुद्दों पर कभी चर्चा हुई क्या ? होगी भी नहीं।
Saturday, 28 October 2017
Tuesday, 24 October 2017
'ठुमरी क्वीन' गिरिजा देवी नहीं रहीं
'ठुमरी की रानी' और शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी नहीं रहीं। उनका जन्म 8 मई 1929 को वाराणसी में हुआ था। 1972 में पद्मश्री,1989 में पद्मभूषण और 2016 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। गिरिजा देवी की गायकी में बनारस और सेनिया घराने की अदायगी का विशिष्ट माधुर्य, अपनी पारंपरिक विशेषताओं के साथ विद्यमान था। ध्रुपद, खयाल, टप्पा, तराना, सदरा और पारंपरिक लोक संगीत में होरी, चैती, कजरी, झूला, दादरा और भजन के अनूठे प्रदर्शनों के साथ ही उन्होंने ठुमरी के साहित्य का गहन अध्ययन और अनुसंधान भी किया। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। पीएम मोदी सहित कई जानी मानी हस्तियों ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
Saturday, 19 August 2017
Monday, 31 July 2017
चीन की चाल भारत का हाल
कोई तो मुझे बता दे डोकलाम में भारत-चीन सेना आमने सामने हैं वहां क्या चल रहा है ? सुना हूं उस इलाके में मीडिया के जाने पर पाबंदी है? चीन दैत्य है कुछ भी कर सकता है। 1962 वाले दिन फिर न देखने पड़ें, क्योंकि सरकार के दावे और हकीकत में अंतर है। राष्ट्र की एकता अखंडता और अश्मिता से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को चाहिए कि वह लोगों की आशंकाओं को दूर करे। खुद को महाशक्ति बताने वाला चीन भारत को चारों तरफ से घेर चुका है। उसका हौसला इतना बढ़ चुका है कि वह अमेरिका से भी दादागीरी दिखाने लगा है। मैं समझता हूं भारत सरकार भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है लेकिन आपकी नीति और नियत दिखनी भी चाहिए। आजतक तो सरकार यहीं नहीं तय कर पाई की चीन भारत का दोस्त है या दुश्मन? खैर जो भी हो भारत का हर नागरिक जानता है कि भारत को सबसे बड़ा खतरा चीन से ही है। लगभग 2010 तक भारत सरकार अपनी रक्षा तैयारियां पाकिस्तान को ध्यान में रखकर ही करती रही। लेकिन अब वह दौर समाप्त हो गया और भारत ने अपना ध्यान चीन की तरफ भी केंद्रित किया लेकिन हकीकत यहीं है कि चीन अभी भी हमसे बहुत आगे है। भारत ने पिछले कुछ सालों से अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है और भारत की यहीं तरक्की चीन के आंख की किरकिरी बनी हुई है वह आये दिन भारत को उलझाने और उकसाने में लगा रहता है। चीन के चिढ़ की बानगी कुछ दिन पहले देखने को मिली जब नासा ने एक तस्वीर जारी की जिसमें भारत चीन से ज्यादा चमकीला दिख रहा था इसपर चीन चिढ़ गया और बोला भारत से ज्यादा चीन में विद्युतीकरण है यह तस्वीर गलत है। चीन डोकलाम के बाद 25 जुलाई को उत्तराखंड में 1 किमी अंदर घुस आया ।भारत सरकार चुप रही 6 दिन बाद मीडिया के द्वारा चीनी घुसपैठ का पता चला। कुल मिलाकर भारत सरकार क्या कर रही है यह बड़ा सवाल है। लोगों को भरोसे में लेना सरकार की जिम्मेदारी है। चीन ललकार रहा है भारत चुप्पी साधा है,ठीक है आपकी खामोशी समझ सकता हूँ। लेकिन हिंदी चीनी भाई भाई वाला हाल न हो जाये। सरकार ने सारी जानकारियां राष्ट्रीय हित की आड़ में दबा रखी है। एक सांसद महोदय ने पूछ दिया कि भारत के पास गोला बारूद का कितना स्टॉक है तो जवाब आया नहीं बता सकता देश की सुरक्षा का सवाल है। अरे भाई तुम लूट खसोट से बचकर देशहित में काम करोगे तो ऐसी स्थिति ही नहीं आएगी। जब कैग अपनी रिपोर्ट पेश करता है तो लोग बोलते हैं अरे भाई गोला बारूद की कमी थी तो आराम से बता देते। मजबूरन पार्ट टाइम रक्षामंत्री आते हैं और कहने लगते हैं नहीं नहीं यह रिपोर्ट गलत है कई साल पुरानी है। हकीकत तो आपको पता ही होगी जेटली जी देश की जनता को दिलासा की बूटी सुंघा गए, सुंघाते रहो! अकेला चीन अपनी साम्राज्यवादी नीति को लेकर कई दुश्मन पैदा कर चुका है लेकिन भारत को छोड़कर कोई उसके सामने कुछ भी नहीं। भारत की मजबूती चीन को चुभती है। वह नहीं चाहता कि भारत महाशक्ति बने।
Monday, 17 July 2017
देश की एकता खतरे में, कर्नाटक का होगा अलग झंडा?
क्या भारत का संघीय ढांचा खतरे में है?केंद्र सरकार की शक्तियों पर राज्य सरकारें भारी पड़ रहीं है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि कर्नाटक से एक खबर आई है जिसमे कहा गया है कि कर्नाटक सरकार का कश्मीर की तरह अलग झंडा होगा।भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार हमेशा एक देश एक झंडा की बात करती है तो अब कर्नाटक में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने राज्य के लिए एक अलग 'झंडा' तैयार करने के लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की है। इसे कानूनी रूप से मान्यता देने के लिए एक रिपोर्ट भी जमा की गई है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर के बाद आधिकारिक तौर पर खुद का 'झंडा' रखने वाला देश का दूसरा राज्य होगा जो संविधान की धारा 370 के तहत विशेष दर्जा हासिल करेगा । अगर ऐसा होता है तो यह देश की एकता के लिए बड़ा खतरा होगा और एक नई परम्परा आरम्भ हो जाएगी।
Friday, 14 July 2017
डरना जरूरी होता है...
पूर्वांचल के बाहुबली विधायक जिसके नाम से कभी विरोधी कांपते थे आज उसे भी डर लगने लगा है। जी हां स्वयं को गरीबों का मसीहा कहने वाले मऊ से लगातार 5 वीं बार विधायक मुख्तार अंसारी को अपनी हत्या का डर सता रहा है। वैसे उनका यह डर वाजिब है क्योंकि उनपर पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। पूर्वांचल में मुख़्तार अंसारी की तूती बोलती है। किसी सीट से लगातार 5 बार विधायक चुना जाने भी अपने आप में बहुत कुछ कहता है। विधानसभा में विस्फोटक मिलने पर मुख्तार ने शक जताया कि ये साजिश उन्हें मारने के लिए रची गई थी। उन्होंने कहा, मुझे तो ये शक है कि मेरी हत्या करने के लिए ये षडयंत्र रचा गया था और इसीलिए ये बम बारूद रखा गया था।
Thursday, 13 July 2017
झूठ और अफवाह न फैलायें और न फैलने दें
कहा गया है कि सच जब तक अपने जूते का फीता बांधता है झूठ तब तक पूरी दुनिया की सैर कर चुका होता है। मित्रों गुजारिश है कि झूठ और अफवाह न फैलाएं और न ही फैलने दें। एक सूचना में इतनी ताकत होती है कि वह दुनिया बदल सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति दो-चार बार झूठ का सामना कर ले और अगली बार वह सच पर भी विश्वास न करे। कई बार अफवाहें दंगे भड़का देती हैं। समाज मे हिंसा और विद्वेष पैदा हो जाता है। इसलिए आइये झूठ और अफवाह रोककर देश को स्वच्छ और मजबूत बनायें तथा जिम्मेदार नागरिक बनें।आप लोगो से गुजारिश है कि विश्वसनीय और पुष्ट स्रोतों की खबरों पर ही विश्वास करें।
Sunday, 2 July 2017
जीएसटी से क्या हुआ सस्ता और महंगा
जीएसटी 1 जुलाई से लागू हो गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस व्यवस्था से क्या सस्ता आैर क्या महंगा होगा। यहां हम आपको जीएसटी के बाद सस्ते होने वाले सामान के बारे में बता रहे हैं।
चित्र-एबीपी न्यूज़
Wednesday, 24 May 2017
दैनिक जागरण में पत्रकार बनें
यदि आप पत्रकारिता के क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए सुनहरा अवसर है। दैनिक जागरण अखबार को जूनियर सब एडिटर से लेकर चीफ रिपोर्टर,फोटोग्राफर और डिजायनर तक की जरूरत है। ये रिक्तियां दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत के लिए है। सभी पदों के लिए दो वर्षों का अनुभव जरूरी है। आप अपना सीवी career@jagran.com पर भेज सकते हैं।
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Monday, 15 May 2017
मोदी सरकार के तीन साल,अच्छे दिन का बुरा हाल!
16 मई 2014: जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने रच दिया था इतिहास...शुरुआती रुझान में बीजेपी तेजी से बढ़त बनाए जा रही थी और इसका असर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में बढ़त के साथ दिखने लगा। सेंसेक्स करीब एक हजार अंक का उछाल मार चुका था। इधर वोटों की गिनती में बीजेपी का आंकड़ा तेजी से बदल रहा था।पल-पल में आंकड़े नरेंद्र मोदी के पक्ष में जा रहे थे। देखते ही देखते ये साफ हो गया कि भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। दोपहर के 12 बजकर 20 मिनट हो रहे थे। तभी बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने ट्विट किया – India has won! भारत की विजय। अच्छे दिन आने वाले हैं। कुछ ही पलों में नरेंद्र मोदी का ये ट्वीट भारत में सबसे अधिक रिट्वीट होने वाला ट्वीट बन गया।
अब मोदी सरकार को तीन साल होने को हैं प्रचंड बहुमत की सरकार में युवा वर्ग का बड़ा हाथ था। हर युवा नरेद्र मोदी से ये अपेक्षा कर रहा था कि सत्ता परिवर्तन के साथ हमारे लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक साल बीता तो युवाओं के मन में यह विचार आया कि नई सरकार को कुछ समय और देना चाहिये परंतु आज 3 साल बीतने पर भी रोजगार के नाम पर सरकार टालमटोल रवैया अपना रही है कोई फर्क नहीं दिख रहा। मोदी सरकार केवल प्रचार और प्रोपेगेंडा फैला रही है। सरकार किसी भी क्षेत्र को लेकर कितना भी अपनी डफली पिट ले लेकिन हकीकत आज यहीं है कि सरकार में केवल अपनी ब्रांडिंग और प्रचार कर लोगों को भ्रमित करने का काम किया है। अब धीरे-धीरे लोगों का भरोसा टूट रहा है। कश्मीर समस्या,नक्सल समस्या, पाकिस्तान को कड़ा सबक, चीन से आंख में आंख डालकर बात करना, एक के बदले दस सिर, बेरोजगारी आदि वादों का क्या हुआ? खैर जैसे जैसे समय बीत रहा है लोग पिछली कांग्रेस सरकार से मोदी सरकार की तुलना कर स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
Saturday, 6 May 2017
कुलदीप जाधव मामले में क्या कर रही है भारत सरकार?
पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय नेवी अफसर कुलदीप जाधव मामले में भारत सरकार और विदेश मंत्रालय कुछ कर रहे हैं या फिर 60 दिन पूरा होने का इन्तेजार कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत हर वह चीज करेगा, जिससे उनकी रिहाई तय हो सके। सुषमा स्वराज ने तो दो कदम आगे बढ़कर कहा था कि वह पूरे भारत का बेटा है उसको बचाने के लिए रास्ते से कुछ अलग हट कर भी करना पड़े तो करेंगे।
सवाल यहीं है कि क्या भारत सरकार अंदर ही अंदर कूटनीतिक या अन्य प्रयास कर रही है या सो रही है? क्या पाकिस्तान द्वारा सीमा पर दो जवानों के साथ की गयी अमानवीय हरकत भारत का ध्यान बताने के लिए है? एक सवाल यह भी उठता है कि भारत सरकार अचानक क्यों जागती है यदि कुलभूषण मामले में पहले से ही दबाव बनाया जाता तो हो सकता था स्थिति कुछ और होती। मुझे लगता है अब समय काफी कम है और भारत सरकार को कुछ अलग करना होगा तभी कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है अन्यथा पाकिस्तान की हकीकत सबको पता है। वहां कुछ ही दिन में मुकदमा चला कर फाँसी भी दे दी जाती है और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती। भारत पाकिस्तान से उम्मीद क्यों लगाए बैठा है न वहां मानवाधिकार की रक्षा होती है और न ही कोर्ट और न्याय नाम की कोई चीज है।पाकिस्तान भारत नहीं है कि न्याय के लिए आधी रात को कोर्ट खुल जाए। जब भारत के पास सामर्थ्य है तो उसका प्रयोग करे। शक्ति शांति स्थापित करने के लिए विकसित की जाती है यह कब समझेगा भारत। बड़ा दिल दिखाने के दिन अब लद गए जैसे को तैसा का जमाना है।
Tuesday, 2 May 2017
विश्व प्रेस स्वतन्त्रता दिवस:भारत में मीडिया का घुटता दम!
धर्मपाल यादव:
हाल ही में जारी 2017 के विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत का स्थान 136 वां रहा है। इस साल भारत 2016 के मुकाबले तीन पायदान नीचे रहा है। इस वर्ष भारत को जो(136वां)स्थान मिला है वह पत्रकारिता के लिए ‘मुश्किल परिस्थिति’ वाले देशों की श्रेणी है। इसमें अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे भारत के पड़ोसी देश आते हैं। बिना स्वतंत्र मीडिया के स्वस्थ लोकतंत्र को सुनिश्चित कर पाना संभव नहीं है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकतांत्रिक देशों में प्रेस के लिए बिना अड़चन और रोक के काम कर पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। यूं तो हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दम भरते हैं लेकिन हमारे यहां समाज का दर्पण और लोकतंत्र का चतुर्थ स्तम्भ कहे जाने वाले प्रेस की स्थिति काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है जो लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा है। प्रेस स्वतन्त्रता सूचकांक में भारत का 136वां स्थान चिंतित करने वाला है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में मीडिया की आजादी का सिमटना खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इंडेक्स के 180 देशों की पूरी सूची निम्न है-
1 Norway 7.60
2 Sweden 8.27
3 Finland 8.92
4 Denmark 10.36
5 Netherlands 11.28
6 Costa Rica 11.93
7 Switzerland 12.13
8 Jamaica 12.73
9 Belgium 12.75
10 Iceland 13.03
11 Austria 13.47
12 Estonia 13.55
13 New Zealand 13.98
14 Ireland 14.08
15 Luxembourg 14.72
16 Germany 14.97
17 Slovakia 15.51
18 Portugal 15.77
19 Australia 16.02
20 Surinam 16.07
21 Samoa 16.41
22 Canada 16.53
23 Czech Republic 16.91
24 Namibia 17.08
25 Uruguay 17.43
26 Ghana 17.95
27 Cabo Verde 18.02
28 Latvia 18.62
29 Spain 18.69
30 Cyprus 19.79
31 South Africa 20.12
32 Liechtenstein 20.31
33 Chile 20.53
34 Trinidad and Tobago 20.62
35 Andorra 21.03
36 Lithuania 21.37
37 Slovenia 21.70
38 OECS 22.10
39 France 22.24
40 United Kingdom 22.26
41 Belize 23.43
42 Burkina Faso 23.85
43 United States 23.88
44 Comores 24.33
45 Taiwan 24.37
46 Romania 24.46
47 Malta 24.76
48 Botswana 24.93
49 Tonga 24.97
50 Argentina 25.07
51 Papua New Guinea 25.07
52 Italy 26.26
53 Haïti 26.36
54 Poland 26.47
55 Mauritania 26.49
56 Mauritius 26.67
57 Madagascar 26.71
58 Senegal 26.72
59 Dominican Republic 26.76
60 Guyana 26.80
61 Niger 27.21
62 El Salvador 27.24
63 South Korea 27.61
64 Georgia 27.76
65 Bosnia-Herzegovina 27.83
66 Serbia 28.05
67 Fiji 28.64
68 Lesotho 28.78
69 Mongolia 28.95
70 Malawi 28.97
71 Hungary 29.01
72 Japan 29.44
73 Hong Kong 29.46
74 Croatia 29.59
75 Northern Cyprus 29.88
76 Albania 29.92
77 Guinea Bissau 30.09
78 Benin 30.32
79 Armenia 30.38
80 Moldova 30.41
81 Côte d’Ivoire 30.42
82 Kosovo 30.45
83 Tanzania 30.65
84 Bhutan 30.73
85 Sierra Leone 30.73
86 Togo 30.75
87 Seychelles 30.86
88 Greece 30.89
89 Kyrgyzstan 30.92
90 Peru 30.98
91 Israel 31.01
92 Nicaragua 31.01
93 Mozambique 31.05
94 Liberia 31.12
95 Kenya 31.20
96 Panama 32.12
97 Tunisia 32.22
98 East Timor 32.82
99 Lebanon 33.01
100 Nepal 33.02
101 Guinea 33.15
102 Ukraine 33.19
103 Brazil 33.58
104 Kuwait 33.61
105 Ecuador 33.64
106 Montenegro 33.65
107 Bolivia 33.88
108 Gabon 34.83
109 Bulgaria 35.01
110 Paraguay 35.64
111 Macedonia 35.74
112 Uganda 35.94
113 Central African Republic 36.12
114 Zambia 36.48
115 Congo-Brazzaville 36.73
116 Mali 38.27
117 Maldives 39.30
118 Guatemala 39.33
119 United Arab Emirates 39.39
120 Afghanistan 39.46
121 Chad 39.66
122 Nigeria 39.69
123 Qatar 39.83
124 Indonesia 39.93
125 Angola 40.42
126 Oman 40.46
127 Philippines 41.08
128 Zimbabwe 41.44
129 Colombia 41.47
130 Cameroon 41.59
131 Burma 41.82
132 Cambodia 42.07
133 Morocco / Western Sahara 42.42
134 Algeria 42.83
135 Palestine 42.90
136 India 42.94
137 Venezuela 42.94
138 Jordan 43.24
139 Pakistan 43.55
140 Honduras 43.75
141 Sri Lanka 44.34
142 Thailand 44.69
143 Gambia 46.70
144 Malaysia 46.89
145 South Sudan 48.16
146 Bangladesh 48.36
147 Mexico 48.97
148 Russia 49.45
149 Tajikistan 50.27
150 Ethiopia 50.34
151 Singapore 51.10
152 Swaziland 51.27
153 Belarus 52.43
154 Democratic Republic of Congo52.67
155 Turkey 52.98
156 Brunei 53.72
157 Kazakhstan 54.01
158 Iraq 54.03
159 Rwanda 54.11
160 Burundi 55.78
161 Egypt 55.78
162 Azerbaijan 56.40
163 Libya 56.81
164 Bahrain 58.88
165 Iran 65.12
166 Yemen 65.80
167 Somalia 65.95
168 Saudi Arabia 66.02
169 Uzbekistan 66.11
170 Laos 66.41
171 Equatorial Guinea 66.47
172 Djibouti 70.54
173 Cuba 71.75
174 Sudan 73.56
175 Vietnam 73.96
176 China 77.66
177 Syria 81.49
178 Turkmenistan 84.19
179 Eritrea 84.24
180 North Korea 84.98
प्रो. राजाराम यादव ने 17 वें कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया...
![]() |
| कुलपति का पदभार ग्रहण करते प्रो. राजाराम यादव |
Monday, 1 May 2017
...तो क्या अब युद्ध ही आखिरी विकल्प
क्या एक और सर्जिकल स्ट्राइक होगी या अब युद्ध ही आखिरी विकल्प बचा है? यह सब सवाल मैं इसलिए उठा रहा हूँ कि सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा एक बार फिर से भारतीय शहीदों के साथ बर्बरता की घटना सामने आई है। पाकिस्तान ने सोमवार को न सिर्फ सीजफायर का उल्लंघन किया बल्कि फायरिंग में शहीद दो भारतीय जवानों के अंग भी काट डाले। आखिर कब तक सहेगा भारत ? आपको बता दें कि पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने रविवार को ही नियंत्रण रेखा का दौरा किया था। यहां उन्होंने कहा कि उनका देश कश्मीरियों के ‘आत्म-निर्णय’ के अधिकार के लिए किये जा रहे ‘राजनीतिक संघर्ष’ को समर्थन देता रहेगा। बाजवा के दौरे के अगले ही दिन सीमा पर पाकिस्तानी सेना के सीजफायर तोड़ा है।
Thursday, 27 April 2017
पूविवि:कुलपति प्रो.अग्रवाल जी आप बहुत याद आएंगे...
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल जी आपका शानदार कार्यकाल रहा आपके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हांसिल की इतने बड़े एवं पिछड़े विश्वविद्यालय को आपने पटरी पर लाने का कार्य किया समय से रिजल्ट और खेल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय अग्रणी रहा आपके सही नेतृत्व और मेहनत का ही नतीजा रहा कि नैक मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को B प्लस ग्रेड मिला आपने विश्वविद्यालय को लेकर सारी नकारात्मकता को दूर करके एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और उम्मीद करता हूँ आने वाले लोग भी ऐसे जारी रखेंगे। कुछ साल पहले तक कोई पूछता था,कहां पढ़ते हो तो पूर्वांचल यूनिवर्सिटी का नाम लेने पर दो बार सोचना पड़ता था लोग अजीब तरह से देखते थे हमेशा नेगेटिव ही सोचते थे। लेकिन आज विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर हमें गर्व है और शान से नाम लेते हैं और मन में दृढ़ विश्वास लेकर चलते हैं हम किसी से कम नहीं...। हमें भी दो साल तक विश्वविद्यालय परिसर में रहकर शिक्षा ग्रहण करने और कुलपति महोदय को करीब से देखने का अवसर मिला। कल आपके विदाई समारोह में शामिल होकर और पुराने दिन याद कर भावुक था। आज मैं कह सकता हूँ कि आपके कार्यकाल को लंबे समय तक याद रख जाएगा आपके नेतृत्व क्षमता,अच्छे मैनेजमेंट गुरु और पॉजिटिव ऊर्जा के गुणों का मैं कायल हूँ।भगवान आपको लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ प्रदान करें तथा आपके परिवार को सदा प्रसन्न रखें ये पल बहुत याद आएंगे हम आपको भूल नहीं पाएंगे...
Monday, 24 April 2017
प्रो.राजाराम यादव होंगे पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के नए वीसी
लखनऊ: यूपी में तीन नए कुलपति नियुक्त किये गए हैं जिनमें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी में प्रो. राजाराम यादव, प्रो. विजय कृष्ण सिंह गोरखपुर विवि के तथा प्रो. अनिल शुक्ल रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति होंगे।
आखिर कब तक बहेगा देश के जवानों का खून?
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में 26 जवान शहीद हो गए यहां बुरकापाल और चिंतागुफा के बीच नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया। ये इलाका दोरनापाल से 38 किमी दूर है। बताया जा रहा है कि यहां सड़क बनाने का काम चल रहा था,जिसे रोकने के लिए नक्सलियों ने सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन पर हमला बोल दिया। यह हमला कायराना,घृणित और निंदनीय है। शहीद जवानों को श्रद्धांजली ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। फौरन ही हमले में शामिल नक्सलियों को उनकी ही भाषा मे सबक सिखाया जाए ताकि भविष्य में धरती इस तरह से लाल न हो और सरकार नक्सल समस्या का स्थायी समाधान निकाले इसके लिए दीर्घकालीन रणनीति की जरूरत है।
Friday, 21 April 2017
Thursday, 20 April 2017
क्या सच्चाई की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ?
एक बार फिर जवान तेजबहादुर यादव सुर्खियों में है। ताजा मामला है उनको सेना से बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसएफ में खराब खाने की शिकायत का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल होने के बाद सुर्ख़ियों में आए BSF जवान तेज बहादुर यादव को बुधवार को सेना ने बर्खास्त कर दिया था। बड़ा सवाल यह है कि क्या सच्चाई उजागर करने की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ? क्या जांच निष्पक्ष हुई थी? ऐसे कई सवाल और भी हैं लेकिन अपने घर रेवाड़ी (हरियाणा)पहुंचे तेज बहादुर यादव ने कहा की ये लड़ाई मेरी नहीं देश की लड़ाई है जिसे वो आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ख़राब खाने की शिकायत करने के बाद उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया था।
वैसे इस पूरे मामले के बाद सेना के अंदर की कई कहानियां उजागर हुईं और कई और जवानों ने अपने शोषण और दर्द की बात वीडियो के जरिये साझा की कई ने आरोप लगाया कि उनके साथ अफसर नौकरों जैसा सलूक करते हैं। अफसरों की बीबियों को खरीदारी करने ले जाना,उनके कुत्ते टहलना आदि काम करवाने का कई जवानों ने आरोप लगाया। जो कुछ भी हो सेना के जवानों की गरिमा का ख्याल हर हाल में रखा जाना चाहिए और उनसे ऐसे कोई काम नहीं करना चाहिए जो सेना की नैतिकता और गरिमा के खिलाफ हो सेना के मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। बात जहां तक रही तेजबहादुर यादव की मुझे लगता है उनकी नौकरी से बर्खास्तगी और वीडियो द्वारा खाने की शिकायत का कोई न कोई संबंध अवश्य है जवान को न्याय मिलने चाहिए और किसी स्वतन्त्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए।
Thursday, 13 April 2017
आखिर कहां है बाबा साहेब के सपनों का भारत
आज बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की 126 वीं जयंती है देश के संविधान निर्माता बाबासाहेबने जो सपना देखा था वह कितना पूरा हुआ यह बड़ा सवाल है उन्होंने जातिप्रथा और भेदभाव तथा छुआछूत का विरोध किया सबके लिए समानता,स्वतंत्रता और भाईचारे की बात की और अहिंसा पर बल दिया लेकिन क्या आज उनके सपने पूरे हो पाए?गुलामी तो नहीं देखी लेकिन भेदभाव जैसे मामलों से कई बार दो-चार होना पड़ा है जातिवाद अभी भी समाज में अपनी जड़ें जमाये हुए है छुआछूत तो अब न के बराबर लेकिन समानता और न्याय गरीबों,पिछड़ों और शोषितों के लिए अब भी टेढ़ी खीर है। गरीबों और अमीरों के बीच खाईं लगातार चौड़ी होती जा रही है, दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं,किसान मजदूर परेशान है,बेरोजगार लाचार है क्या यहीं है अम्बेडकर जी के सपनो का भारत?
Tuesday, 11 April 2017
कुलभूषण की फांसी भारत की नाकामी!
दिल दुखी है आंख में आंसू है और गुस्सा भी,गम तो इतना है कि लिखते हुए हाथ कांप रहा है। मुझे लगता है ऐसा मुझे अकेले नहीं महसूस हो रहा है बल्कि देश के अधिकांश लोगों का हाल यहीं होगा। गुस्सा पाकिस्तान पर इतना है कि शब्दों में बयां करने पर आग ही निकले। मेरा गुस्सा अनायास नहीं है पाकिस्तान ने एक भारतीय नागरिक और नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। गुस्सा तो भारत सरकार और 56 इंच के सीने पर ताली ठोकने वालों पर भी है। हमारी पूरी ताकत और शक्ति बेकार है यदि हम अपने नागरिक की सुरक्षा नहीं कर सकते या उसे अन्याय से नहीं बचा पाते। कुलभूषण मामले में न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी हुई है और यह सोचा समझा मर्डर है। यह फांसी रुकनी चाहिए।
पाकिस्तान ने अंतराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं और भारत को कड़ा सबक सिखाना होगा।
Sunday, 9 April 2017
राष्ट्रहित के अनुसार हो रहा खबरों का निर्माण
सितम्बर 2016 से ही बीबीसी और चीन के अखबार की खबरों पर नजर रख रहा हूँ। भारत के संदर्भ में अंतराष्ट्रीय खबरों का विश्लेषण करने पर पता चला कि बीबीसी भारत को लेकर ज्यादातर नकारात्मक खबरें ही दिखाता है सकारात्मक खबरों को वह या तो दिखाता ही नहीं या बहुत छोटी कवरेज देता है। चीन के अखबार तो भारत को धमकी देने के लिए प्रसिद्ध हैं। इनके द्वारा खबरों,सूचनाओं और आंकड़ों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है जिससे भारत को नीचा दिखाया जा सके। ऐसा करने वाला बीबीसी और चीन का अखबार अकेला नहीं है दुनियाभर की मीडिया खबरों का अपने-अपने हित मे प्रयोग करती हैं। अधिकांशतः विकसित देशों की समाचार एजेंसियां कम विकसित या अविकसित देशों को सूचनाएं या खबरें अपने देश के हित के अनुसार तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत करती है इससे पूरी दुनियां में सूचना का असंतुलन पैदा हो रहा है।
Saturday, 8 April 2017
हाइवे पर शराबबंदी का तोड़, बार के चारों ओर दीवार कर बनाया 500 मीटर का रास्ता
तू डाल डाल मैं पात-पात जी हां सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल से नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब बिक्री पर रोक लगा दी जिससे होटल-रेस्तरां में बिकने वाली शराब पर भी रोक लग गयी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद केरल के एक बार मालिक ने जो तोड़ निकाला है, उसे देखकर तो कोर्ट के जज भी माथा पीट लेंगे। केरल के उत्तरी परावुर में नेशनल हाइवे के बराबर में बने एश्वर्या बार के मालिक ने बार के चारो ओर दीवारें बनाकर रास्ता बना दिया। अब बार तक पहुंचने के लिए किसी को भी 500 मीटर से ज्यादा चलना होगा। इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश में तकनीमी कमी का फायदा कहा जा रहा है।
आबकारी विभाग ने भी इसे स्वीकारा कि दूरी हवा में नहीं बल्कि पैदल मापी जाती है। ऐसे में आबकारी विभाग बार को बंद नहीं करा सकता। बार मालिक का कोर्ट के आदेश की काट निकालने का ये अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार-oneIndia
Saturday, 25 March 2017
यूपी सीएम के नाम पत्र : #Antiromeo sqard की तरह बने #Anti unemployment squads
सेवा में,
आदरणीय आदित्यनाथ योगी जी
मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार
महोदय,
सविनय निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बेरोजगार होने के कारण बहुत से युवा दिग्भ्रमित होकर कई असामाजिक और आपराधिक कार्यों में लिप्त हो रहे हैं। अतःआपसे निवेदन है कि #Anti romeo" की तर्ज पर एक #Anti Unemployment squad" भी बना दिया जाये जो बेरोज़गारों को पकड़-पकड़कर उनकी योग्यतानुसार नौकरी या काम दिलवा सके,आपकी महान कृपा होगी। उम्मीद करता हूँ आप मेरी बातों को गंभीरता से लेंगें।
धन्यवाद...
Thursday, 23 March 2017
यातायात पुलिस के द्वारा वाहनों के चालानों पर लिए जाने वाले समन शुल्क का विवरण
अक्सर ऐसा होता है यातायात पुलिस आपके वाहन और वाहन के कागजों में कोई न कोई गड़बड़ी होने पर मनमाना शुल्क वसूलते हैं। तो आइए जानते हैं मोटर वाहन एक्ट के अनुसार यातायात पुलिस के द्वारा वाहनों के चालानों पर लिए जाने वाले समन शुल्क का विवरण।
यूपी ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी...
