जल हमारे जीवन के
लिए कितना महत्वपूर्ण है यह बात सभी लोग जानते हैं | दुनिया के कई देशों और इलाकों
में उपजे भारी जल संकट को देखते हुये यह बात कही जाने लगी है कि अगला विश्व युद्ध
जल को लेकर हो सकता है | हमारी धरती का 71 फीसदी हिस्सा जल से ढका हुआ है | जल से
ढके भाग का 97 फीसदी महासागरों में, 2 फीसदी ध्रुवों की बर्फ और ग्लेशियर में तथा
बाकि हिस्सा नदियों,तालाबो,झीलों तथा भूमिगत जल के रूप में है | इसमे से पीने
योग्य पानी बहुत ही अल्प मात्रा में है | दुनिया भर में उपयोगी जल का 70 फीसदी
हिस्सा सिंचाई कार्यों में इस्तेमाल होता है बाकि 20 फीसदी जल औद्योगिक कार्यों
में तथा शेष 10 फीसदी जल घरेलु कामकाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है | संयुक्त
राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक
दुनिया के 3.4 अरब लोगों को जल की तंगी का सामना करना पड़ेगा | वर्तमान समय में
दुनिया के 1.8 अरब लोगों को प्रदूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है | सबसे बड़ी समस्या यह है की कुल उपलब्ध जल का केवल 0.5
फीसदी ही पीने योग्य है | जल संरक्षण के लिए तमाम सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थायें काम
कर रही हैं | आम आदमी भी इन संस्थाओं से जुड़कर जल संरक्षण के लिए काम कर सकता है
यहीं नहीं जल संरक्षण के उपाय करके हम अपने घरों में भी पानी का इस्तेमाल 35 फीसदी
तक काम कर सकते हैं | पानी बचाने के लिए हमें अपनी आदतें बदलनी होगी | यदि कहीं
नल,पाइप लीक कर रहा है तो उसे तल्काल ठीक करायें, ब्रश करते या नहाते समय अनावश्यक
पानी बर्बाद न करें प्राय: कई बार देखने को मिलता है की लोग नल चालू कर फ़ोन पर बात
करने लगते हैं या कही चले जाते हैं और पानी गिरता रहता है | टॉयलेट में
प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन 10-12 लीटर पानी का प्रयोग होता हैं | टॉयलेट में पानी बचने के लिए लो फ्लश का
इस्तेमाल कर सकते हैं | बरसात के पानी का संचय करके जल के घटते भंडार को रोका जा
सकता है इसके लिए तालाबों,पोखरों का पुनर्रुधारण करना आवश्यक है | हम ऐसे ही
छोटे-छोटे उपाय कर जल बचाने में कारगर भूमिका निभा सकते हैं |
जल हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह बात सभी लोग जानते हैं | दुनिया के कई देशों और इलाकों में उपजे भारी जल संकट को देखते हुये यह बात कही जाने लगी है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर हो सकता है | हमारी धरती का 71 फीसदी हिस्सा जल से ढका हुआ है | जल से ढके भाग का 97 फीसदी महासागरों में, 2 फीसदी ध्रुवों की बर्फ और ग्लेशियर में तथा बाकि हिस्सा नदियों,तालाबो,झीलों तथा भूमिगत जल के रूप में है | इसमे से पीने योग्य पानी बहुत ही अल्प मात्रा में है | दुनिया भर में उपयोगी जल का 70 फीसदी हिस्सा सिंचाई कार्यों में इस्तेमाल होता है बाकि 20 फीसदी जल औद्योगिक कार्यों में तथा शेष 10 फीसदी जल घरेलु कामकाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है | संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक दुनिया के 3.4 अरब लोगों को जल की तंगी का सामना करना पड़ेगा | वर्तमान समय में दुनिया के 1.8 अरब लोगों को प्रदूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है | सबसे बड़ी समस्या यह है की कुल उपलब्ध जल का केवल 0.5 फीसदी ही पीने योग्य है | जल संरक्षण के लिए तमाम सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थायें काम कर रही हैं | आम आदमी भी इन संस्थाओं से जुड़कर जल संरक्षण के लिए काम कर सकता है यहीं नहीं जल संरक्षण के उपाय करके हम अपने घरों में भी पानी का इस्तेमाल 35 फीसदी तक काम कर सकते हैं | पानी बचाने के लिए हमें अपनी आदतें बदलनी होगी | यदि कहीं नल,पाइप लीक कर रहा है तो उसे तल्काल ठीक करायें, ब्रश करते या नहाते समय अनावश्यक पानी बर्बाद न करें प्राय: कई बार देखने को मिलता है की लोग नल चालू कर फ़ोन पर बात करने लगते हैं या कही चले जाते हैं और पानी गिरता रहता है | टॉयलेट में प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन 10-12 लीटर पानी का प्रयोग होता हैं | टॉयलेट में पानी बचने के लिए लो फ्लश का इस्तेमाल कर सकते हैं | बरसात के पानी का संचय करके जल के घटते भंडार को रोका जा सकता है इसके लिए तालाबों,पोखरों का पुनर्रुधारण करना आवश्यक है | हम ऐसे ही छोटे-छोटे उपाय कर जल बचाने में कारगर भूमिका निभा सकते हैं |