Sunday, 8 April 2018

कॉमनवेल्थ में वाराणसी की पूनम यादव ने जीता गोल्ड

21वें कॉमनवेल्थ के चौथे दिन की भारत का शानदार प्रदर्शन। भारत के खाते में 5 मेडल आए। कुल मिलाकर भारत ने अभी तक के मुकाबले में 11 मेडल अपने नाम दर्ज किया, जिसमें  6 गोल्ड, 2 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल आए हैं। वाराणसी की महिला वेटलिफ्टर पूनम यादव ने 69 किलो भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने कुल 222 किलोग्राम भार उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है। भारत की स्टार महिला शूटर मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता। वहीं, हीना सिद्धू ने 234.0 अंकों के साथ सिल्वर मेडल जीता। पुरुषों की 10 मीटर एयर रायफल स्पर्धा में भारत के रवि कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय पुरुष वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने पुरुषों की 94 किलोग्राम कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेजल जीता है।

Tuesday, 3 April 2018

किरकिरीः महज 16 घंटे में पीएम ने पलटा फेक न्यूज पर स्मृति का फैसला

फेक न्यूज पर पत्रकारों की मान्यता रद्द करने संबंधी दिशानिर्देश पर सूचना प्रसारण मंत्रालय को किरकिरी झेलनी पड़ी है। महज 16 घंटे में पीएम ने फेक न्यूज पर स्मृति ईरानी का फैसला पलट दिया। कहा कि ऐसे मामलों पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) और न्यूज ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन (बीसीए) जैसी संस्थाओं को ही फैसला लेना चाहिए। बता दें क‌ि दिशानिर्देश में पहली बार फेक न्यूज देने के दोषी पाए जाने वाले पत्रकार की छह महीने के लिए मान्यता निलंबित करने, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर एक साल के लिए और तीसरी बार दोषी पाए जाने पर हमेशा के लिए मान्यता रद्द करने का प्रावधान किया गया था। इससे पहले दिशानिर्देश को लेकर विपक्ष के साथ-साथ मीडिया से जुड़ी यूनियनों, वरिष्ठ पत्रकारों ने और विहिप ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। सवाल यह भी था कि यह कौन तय करेगा कि क्या फेक न्यूज है? यह भी आशंका थी कि इसका इस्तेमाल ईमानदार पत्रकारों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा सकता है। फेक न्यूज मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला था और इसे अघोषित आपातकाल बताया था।

Monday, 2 April 2018

दलित आंदोलन के बाद भाजपा बनेगी 'मसीहा'

भारत बंद उग्र और हिंसक आंदोलन बन गया इसमे कम से कम 12 लोगों की जान गई तथा सैकड़ों लोग घायल हुए। इसमें करोड़ों का नुकसान हुआ ट्रेनें रोक दी गईं, बसों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है लेकिन विरोध के नाम पर मैं हिंसा की छूट किसी को भी नहीं होनी चाहिए। वैसे कुछ भी हो इसके सियासी मायने भी हैं और इसका असर 2019 के चुनाव पर भी पड़ सकता है। अब बीजेपी सरकार रक्षात्मक मूड में आ गयी है और दलितों के साथ खड़ा होने की बात कह रही है। निश्चित ही आने वाले समय मे भाजपा दलितों को लुभाने की कोशिश करेगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और  सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान इसकी तरफ साफ इशारा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा दलितों का भरोसा जीत पाती  है।