भारत बंद उग्र और हिंसक आंदोलन बन गया इसमे कम से कम 12 लोगों की जान गई तथा सैकड़ों लोग घायल हुए। इसमें करोड़ों का नुकसान हुआ ट्रेनें रोक दी गईं, बसों में तोड़फोड़ की गई और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है लेकिन विरोध के नाम पर मैं हिंसा की छूट किसी को भी नहीं होनी चाहिए। वैसे कुछ भी हो इसके सियासी मायने भी हैं और इसका असर 2019 के चुनाव पर भी पड़ सकता है। अब बीजेपी सरकार रक्षात्मक मूड में आ गयी है और दलितों के साथ खड़ा होने की बात कह रही है। निश्चित ही आने वाले समय मे भाजपा दलितों को लुभाने की कोशिश करेगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान इसकी तरफ साफ इशारा कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या भाजपा दलितों का भरोसा जीत पाती है।
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