समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 वर्ष से निकाले जाने के बाद उग्र अखिलेश समर्थकों ने सीएम आवास और मुलायम आवास के बाहर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। तीन समर्थकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सजगता से उन्हें पकड़ लिया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के आवास के बाहर भी उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। सपा मुुखिया के फैसले की जानकारी जैसे ही अखिलेश समर्थकों और कार्यकर्ताओं को मिली, उनका हुजूम मौके पर उमड़ पड़ा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास के बाहर भीड़ नियंत्रित करने के लिए लगायी गयी बैरीकैडिंग पर भी चढ़ने की कोशिश की और शिवपाल यादव सहित राष्ट्रीय महासचिव अमर सिंह को पार्टी से तुरन्त निकालने जाने की मांग की। कई कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर भी अपना विरोध जताया।
वहीं कुछ लोगों ने मुलायम और शिवपाल के पोस्टर जलाकर भी अपनी नाराजगी का इजहार किया है। इसके अलावा तीन लोगों ने कैरोसिन डालकर आत्मदाह करने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक कर मौके से हटाया। सूबे के इस सबसे बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद अखिलेश समर्थक विधायक और मंत्रियों का भी उनके आवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मौके पर तनावपूर्ण हालात को देखते हुए राजधानी के कई थानों की पुलिस को मुख्यमंत्री आवास के आस-पास तैनात कर दिया गया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा में आये इस भूचाल ने पार्टी को जहां सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, वहीं समर्थक भी अलग-अलग गुटो में बंट गए हैं और अपने-अपने नेताओं के पक्ष में प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं।
Friday, 30 December 2016
मुख्यमंत्री आवास पर 3 युवकों ने की आत्मदाह करने की कोशिश
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