वीर बहादुर सिंह
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षांत पूर्व व्याखानमाला के क्रम में
विश्वविद्यालय के विश्वसरैया सभागार में
इंजीनियरींग संकाय द्वारा व्यख्यान आयोजित किया गया। जिसमे पंजाब केंद्रीय
विश्वविद्यालय भटिंडा के प्रोफ़ेसर वी.के.गर्ग ने बतौर मुख्य वक्ता विकरण के पर्यावरणीय
प्रभावो एवं उपयोगों पर अपनी बात रखी।
उन्होंने बताया
कि मोनाजाइट,ग्रेनाइट,यूरेनियम ,लेड,स्प्रिंग वाटर, ज्वलामुखी विप्लव आदि रेडिएशन के प्रमुख कारक है । प्राकृतिक रूप में उपलब्ध
पदार्थो से रेडियो एक्टिव किरणे निकलती है
उन्होंने विकिरण से बचने के उपायों पर भी चर्चा की।
रेडिएशन के उपयोगों पर प्रकाश डालते हुए श्री गर्ग ने कहा विकिरण चिकित्सा से कैंसर और अन्य बीमारियों के इलाज में काफी मदद मिली है रेडिएशन का उपयोग आज बड़ी मात्रा में चिकित्सा क्षेत्र में हो रहा है।इसके प्रयोग से खाद्य पदर्थों के संरक्षण में भी मदद मिली है। शहरों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण में रेडिएशन की अहम् भूमिका है इससे हम कूड़ों से हानिकारक बैक्टिरिया नष्ट कर खाद के रूप में प्रयोग कर सकते। उन्होंने रेडिएशन के उपयोगों एवम प्रभावों पर लोगो में जागरूकता लाने पर बल दिया ।
व्याख्यानमाला के
समन्वयक डॉ. अजय द्रिवेदी ने रूपरेखा प्रस्तुत की। डीन प्रो.बी.बी.तिवारी ने विषय
प्रवर्तन किया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर
डॉ.अशोक कुमार श्रीवास्तव,डॉ.संतोष कुमार,डॉ.राजकुमार,डॉ.सौरभ पाल,डॉ.सिद्धार्थ
सिंह,डॉ.उदय राज,डॉ.आलोक गुप्ता आदि सहित विद्यार्थीगण उपस्थित
रहे ।
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