Saturday, 25 March 2017

यूपी सीएम के नाम पत्र : #Antiromeo sqard की तरह बने #Anti unemployment squads

सेवा में,
       आदरणीय आदित्यनाथ योगी जी
           मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार
महोदय,
         सविनय निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में बेरोजगारों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बेरोजगार होने के कारण बहुत से युवा दिग्भ्रमित होकर कई असामाजिक और आपराधिक कार्यों में लिप्त हो रहे हैं। अतःआपसे निवेदन है कि #Anti romeo" की तर्ज पर एक #Anti Unemployment squad" भी बना दिया जाये जो बेरोज़गारों को पकड़-पकड़कर उनकी योग्यतानुसार नौकरी या काम दिलवा सके,आपकी महान कृपा होगी। उम्मीद करता हूँ आप मेरी बातों को गंभीरता से लेंगें।

 धन्यवाद...

                                                    

Thursday, 23 March 2017

यातायात पुलिस के द्वारा वाहनों के चालानों पर लिए जाने वाले समन शुल्क का विवरण

अक्सर ऐसा होता है यातायात पुलिस आपके वाहन और वाहन के कागजों में कोई न कोई गड़बड़ी होने पर मनमाना शुल्क वसूलते हैं। तो आइए जानते हैं मोटर वाहन एक्ट के अनुसार यातायात पुलिस के द्वारा वाहनों के चालानों पर लिए जाने वाले समन शुल्क का विवरण।
यूपी ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी...

Wednesday, 22 March 2017

23 मार्च शहीद दिवस...जरा याद करो कुर्बानी

भारत की स्वतंत्रता में तीन ऐसे वीर सपूत हैं, जिनकी शहादत ने देश के नौजवानों में आजादी के लिए अभूतपूर्व जागृति का शंखनाद किया। 23 मार्च 1931 का वह दिन था जब अंग्रेजी हुकूमत ने क्रांति कि एक मशाल को बुझाने की कोशिश की, लेकिन उस एक मशाल ने इतने चिराग रोशन कर दिए कि आजादी सवेरा बनकर लौटी। देशभक्त सुखदेव,भगतसिंह और राजगुरू को अंग्रेज सरकार ने 23 मार्च को लाहौर षडयंत्र केस में फाँसी पर चढा दिया था। इन वीरों को फाँसी की सजा देकर अंग्रेज सरकार समझती थी कि भारत की जनता डर जाएगी और स्वतंत्रता की भावना को भूलकर विद्रोह नही करेगी। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नही हुआ बल्की शहादत के बाद भारत की जनता पर स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वत्र न्यौछावर करने का रंग इस तरह चढा कि भारत माता के हजारों सपूतों ने सर पर कफन बाँध कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग छेङ दी और लोगों में एक गज़ब का उत्साह दिखा आज़ादी के लिए। अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी का यह संघर्ष आज़ादी न मिलने तक निरन्तर जारी रही बस फर्क यहीं रहा की चेहरे बदलते रहे लेकिन सबका मकसद एक ही था...देश को गुलामी की जंजीरों से आज़ाद कराना।

Tuesday, 21 March 2017

22 मार्च विश्व जल दिवस: जल में ही कल है,इसे बचाये रखें

जल ही जीवन है यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी जल हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह बात सभी लोग जानते हैं। दुनिया के कई देशों और इलाकों में उपजे भारी जल संकट को देखते हुये यह बात कही जाने लगी है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर हो सकता है। हमारी धरती का 71 फीसदी हिस्सा जल से ढका हुआ है। जल से ढके भाग का 97 फीसदी महासागरों में, 2 फीसदी ध्रुवों की बर्फ और ग्लेशियर में तथा बाकि हिस्सा नदियों,तालाबो,झीलों तथा भूमिगत जल के रूप में है। इसमे से पीने योग्य पानी बहुत ही अल्प मात्रा में है दुनिया भर में उपयोगी जल का 70 फीसदी हिस्सा सिंचाई कार्यों में इस्तेमाल होता है बाकि 20 फीसदी जल औद्योगिक कार्यों में तथा शेष 10 फीसदी जल घरेलु कामकाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के अनुसार 2025 तक दुनिया के 3.4 अरब लोगों को जल की तंगी का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान समय में दुनिया के 1.8 अरब लोगों को प्रदूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या यह है की कुल उपलब्ध जल का केवल 0.5 फीसदी ही पीने योग्य है। जल संरक्षण के लिए तमाम सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थायें काम कर रही हैं। 

आम आदमी भी इन संस्थाओं से जुड़कर जल संरक्षण के लिए काम कर सकता है यहीं नहीं जल संरक्षण के उपाय करके हम अपने घरों में भी पानी का इस्तेमाल 35 फीसदी तक काम कर सकते हैं। पानी बचाने के लिए हमें अपनी आदतें बदलनी होगी। यदि कहीं नल,पाइप लीक कर रहा है तो उसे तल्काल ठीक करायें, ब्रश करते या नहाते समय अनावश्यक पानी बर्बाद न करें प्राय: कई बार देखने को मिलता है की लोग नल चालू कर फ़ोन पर बात करने लगते हैं या कही चले जाते हैं और पानी गिरता रहता है। टॉयलेट में प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन 10-12 लीटर पानी का प्रयोग होता  हैं टॉयलेट में पानी बचने के लिए लो फ्लश का इस्तेमाल कर सकते हैं। बरसात के पानी का संचय करके जल के घटते भंडार को रोका जा सकता है इसके लिए तालाबों,पोखरों का पुनर्रुधारण करना आवश्यक है। हम ऐसे ही छोटे-छोटे उपाय कर जल बचाने में कारगर भूमिका निभा सकते हैं।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर कई फर्जी फेसबुक और ट्विटर एकाउंट

@upkayogi @yogi_adityanath दो ट्विटर अकाउंट चल रहे हैं यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ जी के नाम से,दोनों पर CM लिखा हुआ है। क्या इसमें से कोई फर्जी है या दोनों अकॉउंट उन्ही का है ? इसमें से कौन ऑफिसियल है ? आपको बता दें कि इससे पहले योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद फेसबुक पर 100 से ज्यादा योगी आदित्यनाथ के नाम से पेज बनाये जा चुके हैं।

Sunday, 19 March 2017

20 मार्च विश्व गौरैया दिवस : गायब होती गौरैया

प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरेया दिवस मनाया जाता है इसकी शुरुआत 2010 में प्रसिद्ध पर्यावरणविंद मो. ईदिलावर के प्रयासों से हुई थी। एक समय था जिस आंगन में नन्ही गौरैया की चहल कदमी होती थी आज वह आंगन सूने पड़े हुए हैं। आधुनिक पक्के मकान, बढ़ता प्रदुषण, जीवन शैली में बदलाव के कारण गौरैया लुप्त हो रही है दस-बीस साल पहले तक गौरेया के झुंड सार्वजनिक स्थलों पर देखे जा सकते थे। लेकिन खुद को परिस्थितियों के अनुकूल न बना पाने के कारण यह चिड़िया अब भारत,यूरोप सहित दुनिया के कई बड़े हिस्सों से विलुप्त होने के कगार पर है। घर-आंगन में फुदकने-चहकने वाली गौरैया अब ढूंढे नहीं मिलती। आज गौरैया अपने अस्तित्व के लिए मनुष्य और अपने वातावरण के बीच जद्दोजहद कर रही है। कम होती हरियाली और घरों के आसपास बने विषाक्त वातावरण ने गौरैया को गायब ही कर दिया है। गौरैया जो हमारे घरों के भीतर-बाहर हमेशा मौजूद रही उसकी चहक और फ़ंखों की फ़ड़फ़ड़ाहट हमारे जहन में आज भी है। लेकिन आज न तो सुबह-सुबह उसकी चहक सुनाई देती है और न घर के आंगन में बिखरे अनाज के दाने को चोच में दबाकर उड़ने की आवाज। आज गौरैया के गायब होने के पीछें कई कारण हैं और उनके जिम्मेदार भी मानव जाति ही है। मनुष्य ने स्वार्थवश प्रकृति का खूब दोहन किया और इसका खामियाजा ये हुआ कि हम प्रकृति के वरदानों से भी भी दूर होते चले और इसके दुष्परिणाम भी हमारे सामने है। गौरैया की घटती संख्या के पीछे भोजन और जल की कमी, घोसलों के लिए उचित स्थानों की कमी तथा तेज़ी से कटते पेड़ - पौधे,अत्यधिक रसायनों का प्रयोग वातावरण में बदलाव आदि कई कारण हैं। गौरैया की कमी तो सबने महसूस की है लेकिन गौरैया को बचाने के लिए बहुत कम लोग आगे आए हैं इस चिड़िया को बचाने के लिए धरातलीय स्तर पर जागरुकता नहीं दिखती है। गौरैया को संरक्षित करने के लिए शहरों और ग्रामीण इलाकों में घोसलों के लिए सुरक्षित जगह बनानी होगी। उन्हें प्राकृतिक वातावरण देना होगा। घरों के आसपास आधुनिक घोंसले बनाएं जाएं। वैसे विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संगठनों ने गौरैया के संरक्षण के लिए अभियान चलाया है पिछले साल यूपी सरकार ने स्कूली बच्चों में गौरैया के प्रति जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जागरुकता अभियान चलाया है और विभिन्न स्थानों पर घोषले भी टंगवाये गये।

Saturday, 18 March 2017

सीएम की जिम्मेदारी के बाद कितना बदलेंगे योगी

क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की फायरब्रांड हिन्दू नेता की छवि में बदलाव आएगा ? क्या सबका साथ सबका विकास और सुशासन के मूलमंत्र को लेकर सरकार चला पाएंगे ? क्या उनके पहनावे में बदलाव होगा या एक योगी और संत महंत की तरह ही वह सरकार चलाएंगे ? क्या योगी जी मुसलमानों का भरोशा अर्जित कर पाएंगे ? यह कुछ बुनियादी सवाल हैं जो लोगों के मन में इस समय उठ रहे हैं। खैर इन सवालों का जवाब तो वक़्त ही बताएगा लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि योगी को सीएम बनाने के पीछे भी गहरी रणनीति छिपी है और 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए काफी मंथन और गुणा-गणित के बाद ही योगी जी के नाम पर सहमति बनी है।

Yogi Aditynath


योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया है उनकी गिनती भाजपा के फायरब्रांड नेताओं में होती हैं। पूर्वांचल की राजनीति में उनकी पकड़ अच्छी मानी जाती है। गोरखपुर से सांसद और गोरक्षनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ कई बार अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। लव जेहाद और धर्मांतरण जैसे मसलों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। यूपी सीएम की दौड़ में योगी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।
लिंक ओपन कर जानें यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ के बारे में
https://hi.m.wikipedia.org/wiki/योगी_आदित्यनाथ

Thursday, 16 March 2017

Mau junction

मऊ जंक्शन जिले की शान
एक खूबसूरत पहचान

Tuesday, 14 March 2017

किताबों से गायब हुए किसान...सरकार भी हुई बेदर्द

भारत देश गांवों का देश है यहां की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित मानी जाती है। यहां की अधिकतर जनसँख्या कृषि के सहारे अपना भरण पोषण करती है।।मैंने बचपन में एक कविता पढ़ी थी ...
“नहीं हुआ है अभी सवेरा पूरब की लाली पहचान
चिड़ियों के जगने से पहले खाट छोड़ उठ गया किसान"
आज पाठ्यक्रम से खेत किसान चिड़िया सब गायब हो गई हैं…कहाँ हैं …झूरी के दो बैल ….वे हीरा मोती …मीडिया की कवरेज भी किसान और कृषि पर न के बराबर है। ऐसे में किसान की अथक परिश्रम ,कृषि प्रधान देश के रूप में देश की पहचान का संकट स्वाभाविक है। किसानों की महत्ता और योगदान को समझते हुए कभी भारत के प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था इसका मतलब था किसानों का विकास होगा तो देश का विकास होगा देश आत्मनिर्भर बनेगा।आज के समय में देखें तो खेती किसानी से युवा पीढ़ी दूर हो रही है और बड़े महाबगरों की ओर पलायन कर रही हैं इसका मुख्य कारण है लागत और श्रम के हिसाब से मुनाफा न मिलना। आज देश का अन्नदाता किसान आत्महत्या कर रहा है सरकारें सो रही हैं कई बार कोर्ट की कड़ी फटकार के वावजूद किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाये गये कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं।

मिस काल देकर चुनाव रद्द कराने वाले नंबर का सच

अभी सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमे लिखा है
"सुप्रीम कोर्ट में  EVM के द्वारा हुए इलेक्शन को रद्द करने की रिट दायर करने के लिए निम्न नम्बर पर दस लाख लोगों का सपोर्ट चाहिए मिस्ड काल का कोशिश चार्ज नहीं लगेगा यह १५ /३/१७ तक करना होगा ।
नम्बर --8303501000
काफी पड़ताल करने पर यह पता चला की यह नंबर तो बसपा कार्यालय का है जिसे चुनाव से पहले जारी किया गया था इसपर मिस कॉल करने से आप बसपा के समर्थक बन जायेंगे।
चुनाव रद्द करने या सुनवाई के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसमे मिस कॉल देकर आप समर्थन जुटाएं।

Sunday, 12 March 2017

एक संदेश देश के जवानों के नाम

एक मित्र हैं भारतीय सेना में आज उनका एक मैसेज आया उन्होंने लिखा...
"कश्मीर मे सर्दी ना होती
राजस्थान मे गर्मी ना होती।
हम भी होली मनाते दोस्त
अगर हमारे जिस्म पे वर्दी ना होती'।
जय हिंद।
उनका यह msg काफी कुछ कहता है लेकिन उन्होंने यह भी लिखा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें देश के लिए कुछ त्याग और बलिदान का अवसर मिला है।
मित्र मुझे आपपर और पूरे देश के जवानों पर गर्व है आप जगते हैं तो हम सोते है आपकी वजह से हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित हैं वह आप हैं जिसकी वजह से हम निडर होकर खुली हवा में साँस लेते है। आप जाड़ा,गर्मी और बरसात की परवाह किये बिना देशवासियों के लिए अपना सबकुछ त्याग और न्योछावर करते है।
मेरे प्यारे जवानों आपसभी को होली की हार्दिक शुभकानाएं।

Saturday, 11 March 2017

मायावती ने कहा EVM मशीन में हुयी थी गड़बड़ी

आज मायावती ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ की गयी और अन्य पार्टियों के वोट भी बीजेपी को गये। उन्होंने कहा मुश्लिमों के वोट भी बीजेपी को गये यह सब EVM से छेड़छाड़ की गयी है यह किसी के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी बटन दबाने से वोट बीजेपी को ही जा रहा था ऐसी गड़बड़ी EVM में छेड़छाड़ करके की गयी है। मायावती ने पीएम मोदी और अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दुबारा वैलेट पेपर से चुनाव हो। उन्होंने कहा कि मुंबई में bmc चुनाव के अलावां 2014 के लोकसभा चुनाव में भी evm से छेड़छाड़ की शिकायत आयी थी।

Thursday, 9 March 2017

एग्जिट पोल यूपी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के परिणाम 11 मार्च को सबके सामने होंगे। परिणाम घोषित होने से पहले कई समाचार चैनल अपने एग्जिट पोल लेकर सामने आए हैं। आइये जानते हैं किस पार्टी को यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में कितनी सीटें मिलेंगी और कौन बना सकता है उत्तर प्रदेश में नई सरकार। जानिए पूरा आंकड़ा...साभार oneindia

जाने बीबीसी के इलेक्शन सर्वे का सच

इस समय एक चुनावी सर्वेक्षण सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है जो वायरल हो चूका है ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह सर्वेक्षण बीबीसी का है जबकि इस आंकड़े को सभी लोग अपने अपने हिसाब से संशोधित कर शेयर कर रहे हैं।अक्सर चुनाव के समय देखा जाता है कि लोग विभिन्न चैनलों  के नाम पर दुष्प्रचार करते  है और कहते है यह फला ऑर्गनाइज़ेशन का चुनावी सर्वेक्षण है। बीबीसी ने स्पष्ट किया है कि वह उत्तरप्रदेश चुनाव-2017 से सम्बंधित ऐसा कोई सर्वे नहीं किया है।
बीबीसी ने अपने वेबसाइट पर स्पष्ट करते हुए लिखा है कि बीबीसी न चुनावी सर्वेक्षण कराता है और न ही किसी पक्ष द्वारा किये गये सर्वेक्षण को प्रकाशित करता है।
लिंक ओपन कर पढ़ें क्या कहा बीबीसी ने चुनावी सर्वेक्षण के बारे में-
http://www.bbc.com/hindi/india-39036431

तो अखिलेश मायावती मिलकर बनाएंगे सरकार ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव का परिणाम 11 मार्च को आने वाला है लेकिन सभी दल अपने अपने गणित लगाने शुरू कर दिए हैं कोई कुछ कहे या न कहे सभी दल बहुमत न मिलने पर पैदा होने वाली स्थितियों एवं अवसरों पर अभी से आकलन करना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीसी हिंदी के साथ फेसबुक लाइव पर कहा कि 11 मार्च का चुनावी नतीजा उनके पक्ष में आएगा। उन्होंने यह भी उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उन्हें या किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता है तो राष्ट्रपति शासन की जगह समर्थन जुटाकर सरकार बनाने में विश्वास रखते हैं जिससे सरकार की चाबी बीजेपी के पास न जाये, इसके लिए वो मायावती से भी हाथ मिलाना पसद करेंगें। मायावती ने भी इस संभावना से इंकार नही किया और कहा कि अखिलेश के प्रस्ताव पर 11 मार्च को नतीजे आने के बाद विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी को दूर रखने के लिए परिणाम आने के बाद गौर करेंगी। अखिलेश यादव लीक से हटकर सोचने के लिए जाने जाते रहे हैं इसलिए वह बीजेपी को रोकने के लिए मायावती से भी हाथ मिलाते हैं तो राजनीतिक पंडितों को आश्चर्य नही होना चाहिए।

Monday, 6 March 2017

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

पूरी दुनिया में 8  मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है इसकी शुरुआत  सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वाहन पर 1909 में हुयी थी भारत में भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में महिलाओं को आदिकाल से ही पूजनीय और देवी का रूप माना गया।
नारी के आदर और सम्मान को प्रदर्शित करते हुए लिखा गया यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते  तत्र देवता प्राचीन समय से ही हमारे देश में नारियो को उचित सम्मान दिया गया लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से नारियों के लिए महिला दिवस मनाने की जरुरत पड़ी। अगर प्राचीन काल में देखा जाये तो उन्हें उचित सम्मान प्राप्त था और वे धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लेती थी। एक समय ऐसा भी आया जब उनके ऊपर अत्याचारों की अति हो गयी सती प्रथा,बाल विवाह आदि इसके उदाहरण है।आधुनिक समय में तमाम सरकारी और गैर सरकारी प्रयासों से महिलाओं में जागरूकता आयी वे शिक्षित हुईं और अब पुरुषों के साथ कन्धा से कन्धा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल गयी हैं। इन सबके वावजुद भी समाज में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जो नारी अस्मिता को ठेस पहुँचाती है और पितृसत्तात्मक समाज को कटघरे में खड़ा कर देते हैं। निश्चित तौर पर महिलायों को उनका उचित अधिकार पाने के लिए उन्हें स्वयं आगे आना होगा।