क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की फायरब्रांड हिन्दू नेता की छवि में बदलाव आएगा ? क्या सबका साथ सबका विकास और सुशासन के मूलमंत्र को लेकर सरकार चला पाएंगे ? क्या उनके पहनावे में बदलाव होगा या एक योगी और संत महंत की तरह ही वह सरकार चलाएंगे ? क्या योगी जी मुसलमानों का भरोशा अर्जित कर पाएंगे ? यह कुछ बुनियादी सवाल हैं जो लोगों के मन में इस समय उठ रहे हैं। खैर इन सवालों का जवाब तो वक़्त ही बताएगा लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि योगी को सीएम बनाने के पीछे भी गहरी रणनीति छिपी है और 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए काफी मंथन और गुणा-गणित के बाद ही योगी जी के नाम पर सहमति बनी है।
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