Monday, 6 March 2017

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

पूरी दुनिया में 8  मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है इसकी शुरुआत  सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वाहन पर 1909 में हुयी थी भारत में भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रत्येक वर्ष बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में महिलाओं को आदिकाल से ही पूजनीय और देवी का रूप माना गया।
नारी के आदर और सम्मान को प्रदर्शित करते हुए लिखा गया यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते  तत्र देवता प्राचीन समय से ही हमारे देश में नारियो को उचित सम्मान दिया गया लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से नारियों के लिए महिला दिवस मनाने की जरुरत पड़ी। अगर प्राचीन काल में देखा जाये तो उन्हें उचित सम्मान प्राप्त था और वे धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लेती थी। एक समय ऐसा भी आया जब उनके ऊपर अत्याचारों की अति हो गयी सती प्रथा,बाल विवाह आदि इसके उदाहरण है।आधुनिक समय में तमाम सरकारी और गैर सरकारी प्रयासों से महिलाओं में जागरूकता आयी वे शिक्षित हुईं और अब पुरुषों के साथ कन्धा से कन्धा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं कई क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल गयी हैं। इन सबके वावजुद भी समाज में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जो नारी अस्मिता को ठेस पहुँचाती है और पितृसत्तात्मक समाज को कटघरे में खड़ा कर देते हैं। निश्चित तौर पर महिलायों को उनका उचित अधिकार पाने के लिए उन्हें स्वयं आगे आना होगा।

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