Thursday, 27 April 2017

पूविवि:कुलपति प्रो.अग्रवाल जी आप बहुत याद आएंगे...

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल जी आपका शानदार कार्यकाल रहा आपके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हांसिल की इतने बड़े एवं पिछड़े विश्वविद्यालय को आपने पटरी पर लाने का कार्य  किया समय से रिजल्ट और खेल के क्षेत्र में विश्वविद्यालय अग्रणी रहा आपके सही नेतृत्व और मेहनत का ही नतीजा रहा कि नैक मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को B प्लस ग्रेड मिला आपने विश्वविद्यालय को लेकर सारी नकारात्मकता को दूर करके एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और उम्मीद करता हूँ आने वाले लोग भी ऐसे जारी रखेंगे। कुछ साल पहले तक कोई पूछता था,कहां पढ़ते हो तो पूर्वांचल यूनिवर्सिटी का नाम लेने पर दो बार सोचना पड़ता था लोग अजीब तरह से देखते थे हमेशा नेगेटिव ही सोचते थे। लेकिन आज विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर हमें गर्व है और शान से नाम लेते हैं और मन में दृढ़ विश्वास लेकर चलते हैं हम किसी से कम नहीं...। हमें भी दो साल तक विश्वविद्यालय परिसर में रहकर शिक्षा ग्रहण करने और कुलपति महोदय को करीब से देखने का अवसर मिला। कल आपके विदाई समारोह में  शामिल होकर और पुराने दिन याद कर भावुक था। आज मैं कह सकता हूँ कि आपके कार्यकाल को लंबे समय तक याद रख जाएगा आपके नेतृत्व क्षमता,अच्छे मैनेजमेंट गुरु और पॉजिटिव ऊर्जा के गुणों का मैं कायल हूँ।भगवान आपको लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ प्रदान करें तथा आपके परिवार को सदा प्रसन्न रखें ये पल बहुत याद आएंगे हम आपको भूल नहीं पाएंगे...

Monday, 24 April 2017

प्रो.राजाराम यादव होंगे पूर्वांचल यूनिवर्सिटी के नए वीसी

लखनऊ: यूपी में तीन नए कुलपति नियुक्त किये गए हैं जिनमें वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल यूनिवर्सिटी में प्रो. राजाराम यादव, प्रो. विजय कृष्ण सिंह गोरखपुर विवि के तथा प्रो. अनिल शुक्ल रुहेलखंड विश्वविद्यालय के नए कुलपति होंगे।

आखिर कब तक बहेगा देश के जवानों का खून?

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में 26 जवान शहीद हो गए  यहां बुरकापाल और चिंतागुफा के बीच नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया। ये इलाका दोरनापाल से 38 किमी दूर है। बताया जा रहा है कि यहां सड़क बनाने का काम चल रहा था,जिसे रोकने के लिए नक्सलियों ने सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन पर हमला बोल दिया। यह हमला कायराना,घृणित और निंदनीय है। शहीद जवानों को श्रद्धांजली ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। फौरन ही हमले में शामिल नक्सलियों को उनकी ही भाषा मे सबक सिखाया जाए ताकि भविष्य में धरती इस तरह से लाल न हो और  सरकार नक्सल समस्या का स्थायी समाधान निकाले इसके लिए दीर्घकालीन रणनीति की जरूरत है।

Thursday, 20 April 2017

क्या सच्चाई की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ?


एक बार फिर जवान तेजबहादुर यादव सुर्खियों में है। ताजा मामला है उनको सेना से बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसएफ में खराब खाने की शिकायत का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल होने के बाद सुर्ख़ियों में आए BSF जवान तेज बहादुर यादव  को बुधवार को सेना ने बर्खास्त कर दिया था। बड़ा सवाल यह है कि क्या सच्चाई उजागर करने की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ? क्या जांच निष्पक्ष हुई थी? ऐसे कई सवाल और भी हैं लेकिन अपने घर रेवाड़ी (हरियाणा)पहुंचे तेज बहादुर यादव ने कहा की ये लड़ाई मेरी नहीं देश की लड़ाई है जिसे वो आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ख़राब खाने की शिकायत करने के बाद उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया था।
वैसे इस पूरे मामले के बाद सेना के अंदर की कई कहानियां उजागर हुईं और कई और जवानों ने अपने शोषण और  दर्द की बात वीडियो के जरिये साझा की कई ने आरोप लगाया कि उनके साथ अफसर नौकरों जैसा सलूक करते हैं। अफसरों की बीबियों को खरीदारी करने ले जाना,उनके कुत्ते टहलना आदि काम करवाने का कई जवानों ने आरोप लगाया। जो कुछ भी हो सेना के जवानों की गरिमा का ख्याल हर हाल में रखा जाना चाहिए और उनसे ऐसे कोई काम नहीं करना चाहिए जो सेना की नैतिकता और गरिमा के खिलाफ हो सेना के मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। बात जहां तक रही तेजबहादुर यादव की मुझे लगता है उनकी नौकरी से बर्खास्तगी और वीडियो द्वारा खाने की शिकायत का कोई न कोई संबंध अवश्य है जवान को न्याय मिलने चाहिए और किसी स्वतन्त्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए।

Thursday, 13 April 2017

आखिर कहां है बाबा साहेब के सपनों का भारत


आज बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की 126 वीं जयंती है  देश के संविधान निर्माता बाबासाहेबने जो सपना देखा था वह कितना पूरा हुआ यह बड़ा सवाल है उन्होंने जातिप्रथा और भेदभाव तथा छुआछूत का विरोध किया सबके लिए समानता,स्वतंत्रता और भाईचारे की बात की और अहिंसा पर बल दिया लेकिन क्या आज उनके सपने पूरे हो पाए?गुलामी तो नहीं देखी लेकिन भेदभाव जैसे मामलों से कई बार दो-चार होना पड़ा है जातिवाद अभी भी समाज में अपनी जड़ें जमाये हुए है छुआछूत तो अब न के बराबर लेकिन समानता और न्याय गरीबों,पिछड़ों और शोषितों के लिए अब भी टेढ़ी खीर है। गरीबों और अमीरों के बीच खाईं लगातार चौड़ी होती जा रही है, दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं,किसान मजदूर परेशान है,बेरोजगार लाचार है क्या यहीं है अम्बेडकर जी के सपनो का भारत?

Tuesday, 11 April 2017

कुलभूषण की फांसी भारत की नाकामी!

दिल दुखी है आंख में आंसू है और गुस्सा भी,गम तो इतना है कि लिखते हुए हाथ कांप रहा है। मुझे लगता है ऐसा मुझे अकेले नहीं महसूस हो रहा है बल्कि देश के अधिकांश लोगों का हाल यहीं होगा। गुस्सा पाकिस्तान पर इतना है कि शब्दों में बयां करने पर आग ही निकले। मेरा गुस्सा अनायास नहीं है पाकिस्तान ने एक भारतीय नागरिक और नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। गुस्सा तो भारत सरकार और 56 इंच के सीने पर ताली ठोकने वालों पर भी है। हमारी पूरी ताकत और शक्ति बेकार है यदि हम अपने नागरिक की सुरक्षा नहीं कर सकते या उसे अन्याय से नहीं बचा पाते। कुलभूषण मामले में न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी हुई है और यह सोचा समझा मर्डर है। यह फांसी रुकनी चाहिए।
पाकिस्तान ने अंतराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं और भारत को कड़ा सबक सिखाना होगा।

Sunday, 9 April 2017

राष्ट्रहित के अनुसार हो रहा खबरों का निर्माण

सितम्बर 2016 से ही बीबीसी और चीन के अखबार की खबरों पर नजर रख रहा हूँ। भारत के संदर्भ में अंतराष्ट्रीय खबरों का विश्लेषण करने पर पता चला कि बीबीसी भारत को लेकर ज्यादातर नकारात्मक खबरें ही दिखाता है सकारात्मक खबरों को वह या तो दिखाता ही नहीं या बहुत छोटी कवरेज देता है। चीन के अखबार तो भारत को धमकी देने के लिए प्रसिद्ध हैं। इनके द्वारा खबरों,सूचनाओं और आंकड़ों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है जिससे भारत को नीचा दिखाया जा सके। ऐसा करने वाला बीबीसी और चीन का अखबार अकेला नहीं है दुनियाभर की मीडिया खबरों का अपने-अपने हित मे प्रयोग करती हैं। अधिकांशतः विकसित देशों की समाचार एजेंसियां कम विकसित या अविकसित देशों को सूचनाएं या खबरें अपने देश के हित के अनुसार तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत करती है इससे पूरी दुनियां में सूचना का असंतुलन पैदा हो रहा है।

Saturday, 8 April 2017

हाइवे पर शराबबंदी का तोड़, बार के चारों ओर दीवार कर बनाया 500 मीटर का रास्ता

तू डाल डाल मैं पात-पात जी हां सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल से नेशनल और स्टेट हाईवे के किनारे शराब बिक्री पर रोक लगा दी जिससे होटल-रेस्तरां में बिकने वाली शराब पर भी रोक लग गयी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद केरल के एक बार मालिक ने जो तोड़ निकाला है, उसे देखकर तो कोर्ट के जज भी माथा पीट लेंगे। केरल के उत्तरी परावुर में नेशनल हाइवे के बराबर में बने एश्वर्या बार के मालिक ने बार के चारो ओर दीवारें बनाकर रास्ता बना दिया। अब बार तक पहुंचने के लिए किसी को भी 500 मीटर से ज्यादा चलना होगा। इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश में तकनीमी कमी का फायदा कहा जा रहा है।
आबकारी विभाग ने भी इसे स्वीकारा कि दूरी हवा में नहीं बल्कि पैदल मापी जाती है। ऐसे में आबकारी विभाग बार को बंद नहीं करा सकता। बार मालिक का कोर्ट के आदेश की काट निकालने का ये अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार-oneIndia