Tuesday, 11 April 2017

कुलभूषण की फांसी भारत की नाकामी!

दिल दुखी है आंख में आंसू है और गुस्सा भी,गम तो इतना है कि लिखते हुए हाथ कांप रहा है। मुझे लगता है ऐसा मुझे अकेले नहीं महसूस हो रहा है बल्कि देश के अधिकांश लोगों का हाल यहीं होगा। गुस्सा पाकिस्तान पर इतना है कि शब्दों में बयां करने पर आग ही निकले। मेरा गुस्सा अनायास नहीं है पाकिस्तान ने एक भारतीय नागरिक और नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। गुस्सा तो भारत सरकार और 56 इंच के सीने पर ताली ठोकने वालों पर भी है। हमारी पूरी ताकत और शक्ति बेकार है यदि हम अपने नागरिक की सुरक्षा नहीं कर सकते या उसे अन्याय से नहीं बचा पाते। कुलभूषण मामले में न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी हुई है और यह सोचा समझा मर्डर है। यह फांसी रुकनी चाहिए।
पाकिस्तान ने अंतराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं और भारत को कड़ा सबक सिखाना होगा।

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