Thursday, 13 April 2017

आखिर कहां है बाबा साहेब के सपनों का भारत


आज बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की 126 वीं जयंती है  देश के संविधान निर्माता बाबासाहेबने जो सपना देखा था वह कितना पूरा हुआ यह बड़ा सवाल है उन्होंने जातिप्रथा और भेदभाव तथा छुआछूत का विरोध किया सबके लिए समानता,स्वतंत्रता और भाईचारे की बात की और अहिंसा पर बल दिया लेकिन क्या आज उनके सपने पूरे हो पाए?गुलामी तो नहीं देखी लेकिन भेदभाव जैसे मामलों से कई बार दो-चार होना पड़ा है जातिवाद अभी भी समाज में अपनी जड़ें जमाये हुए है छुआछूत तो अब न के बराबर लेकिन समानता और न्याय गरीबों,पिछड़ों और शोषितों के लिए अब भी टेढ़ी खीर है। गरीबों और अमीरों के बीच खाईं लगातार चौड़ी होती जा रही है, दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं,किसान मजदूर परेशान है,बेरोजगार लाचार है क्या यहीं है अम्बेडकर जी के सपनो का भारत?

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