एक बार फिर जवान तेजबहादुर यादव सुर्खियों में है। ताजा मामला है उनको सेना से बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसएफ में खराब खाने की शिकायत का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल होने के बाद सुर्ख़ियों में आए BSF जवान तेज बहादुर यादव को बुधवार को सेना ने बर्खास्त कर दिया था। बड़ा सवाल यह है कि क्या सच्चाई उजागर करने की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ? क्या जांच निष्पक्ष हुई थी? ऐसे कई सवाल और भी हैं लेकिन अपने घर रेवाड़ी (हरियाणा)पहुंचे तेज बहादुर यादव ने कहा की ये लड़ाई मेरी नहीं देश की लड़ाई है जिसे वो आखिरी दम तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ख़राब खाने की शिकायत करने के बाद उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया था।
वैसे इस पूरे मामले के बाद सेना के अंदर की कई कहानियां उजागर हुईं और कई और जवानों ने अपने शोषण और दर्द की बात वीडियो के जरिये साझा की कई ने आरोप लगाया कि उनके साथ अफसर नौकरों जैसा सलूक करते हैं। अफसरों की बीबियों को खरीदारी करने ले जाना,उनके कुत्ते टहलना आदि काम करवाने का कई जवानों ने आरोप लगाया। जो कुछ भी हो सेना के जवानों की गरिमा का ख्याल हर हाल में रखा जाना चाहिए और उनसे ऐसे कोई काम नहीं करना चाहिए जो सेना की नैतिकता और गरिमा के खिलाफ हो सेना के मामले में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। बात जहां तक रही तेजबहादुर यादव की मुझे लगता है उनकी नौकरी से बर्खास्तगी और वीडियो द्वारा खाने की शिकायत का कोई न कोई संबंध अवश्य है जवान को न्याय मिलने चाहिए और किसी स्वतन्त्र एजेंसी से जांच करानी चाहिए।
Thursday, 20 April 2017
क्या सच्चाई की कीमत चुकाई तेजबहादुर यादव ने ?
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