Monday, 31 July 2017

चीन की चाल भारत का हाल

कोई तो मुझे बता दे डोकलाम में भारत-चीन सेना आमने सामने हैं वहां  क्या चल रहा है ? सुना हूं उस इलाके में मीडिया के जाने पर पाबंदी है? चीन दैत्य है कुछ भी कर सकता है। 1962 वाले दिन फिर न देखने पड़ें, क्योंकि सरकार के दावे और हकीकत में अंतर है। राष्ट्र की एकता अखंडता और अश्मिता से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को चाहिए कि वह लोगों की आशंकाओं को दूर करे। खुद को महाशक्ति बताने वाला चीन भारत को चारों तरफ से घेर चुका है। उसका हौसला इतना बढ़ चुका है कि वह अमेरिका से भी दादागीरी दिखाने लगा है। मैं समझता हूं भारत सरकार भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है लेकिन आपकी नीति और नियत दिखनी भी चाहिए। आजतक तो सरकार यहीं नहीं तय कर पाई की चीन भारत का दोस्त है या दुश्मन? खैर जो भी हो भारत का हर नागरिक जानता है कि भारत को सबसे बड़ा खतरा चीन से ही है। लगभग  2010 तक भारत सरकार अपनी रक्षा तैयारियां पाकिस्तान को ध्यान में रखकर ही करती रही। लेकिन अब वह दौर समाप्त हो गया और भारत ने अपना ध्यान चीन की तरफ भी केंद्रित किया लेकिन हकीकत यहीं है कि चीन अभी भी हमसे बहुत आगे है। भारत ने पिछले कुछ सालों से अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है और भारत की यहीं तरक्की चीन के आंख की किरकिरी बनी हुई है वह आये दिन भारत को उलझाने और उकसाने में लगा रहता है। चीन के चिढ़ की बानगी कुछ दिन पहले देखने को मिली जब नासा ने एक तस्वीर जारी की जिसमें भारत चीन से ज्यादा चमकीला दिख रहा था इसपर चीन चिढ़ गया और बोला भारत से ज्यादा चीन में विद्युतीकरण है यह तस्वीर गलत है। चीन डोकलाम के बाद 25 जुलाई को उत्तराखंड में 1 किमी अंदर घुस आया ।भारत सरकार चुप रही 6 दिन बाद मीडिया के द्वारा चीनी घुसपैठ का पता चला। कुल मिलाकर भारत सरकार क्या कर रही है यह बड़ा सवाल है। लोगों को भरोसे में लेना सरकार की जिम्मेदारी है। चीन ललकार रहा है भारत चुप्पी साधा है,ठीक है आपकी खामोशी समझ सकता हूँ। लेकिन हिंदी चीनी भाई भाई वाला हाल न हो जाये। सरकार ने सारी जानकारियां राष्ट्रीय हित की आड़ में दबा रखी है। एक सांसद महोदय ने पूछ दिया कि भारत के पास गोला बारूद का कितना स्टॉक है तो जवाब आया नहीं बता सकता देश की सुरक्षा का सवाल है। अरे भाई तुम लूट खसोट से बचकर देशहित में काम करोगे तो ऐसी स्थिति ही नहीं आएगी। जब कैग अपनी रिपोर्ट पेश करता है तो लोग बोलते हैं अरे भाई गोला बारूद की कमी थी तो आराम से बता देते। मजबूरन पार्ट टाइम रक्षामंत्री आते हैं और कहने लते हैं नहीं नहीं यह रिपोर्ट गलत है कई साल पुरानी है। हकीकत तो आपको पता ही होगी जेटली जी देश की जनता को दिलासा की बूटी सुंघा गए, सुंघाते रहो! अकेला चीन अपनी साम्राज्यवादी नीति को लेकर कई दुश्मन पैदा कर चुका है लेकिन भारत को छोड़कर कोई उसके सामने कुछ भी नहीं। भारत की मजबूती चीन को चुभती है। वह नहीं चाहता कि भारत महाशक्ति बने।

Monday, 17 July 2017

देश की एकता खतरे में, कर्नाटक का होगा अलग झंडा?

क्या भारत का संघीय ढांचा खतरे में है?केंद्र सरकार की शक्तियों पर राज्य सरकारें भारी पड़ रहीं है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि कर्नाटक से एक खबर आई है जिसमे कहा गया है कि कर्नाटक सरकार  का कश्मीर की तरह अलग झंडा होगा।भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार हमेशा एक देश एक झंडा की बात करती है तो अब कर्नाटक में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार ने राज्य के लिए एक अलग 'झंडा' तैयार करने के लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की है। इसे कानूनी रूप से मान्यता देने के लिए एक रिपोर्ट भी जमा की गई है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर के बाद आधिकारिक तौर पर खुद का 'झंडा' रखने वाला देश का दूसरा राज्य होगा जो संविधान की धारा 370 के तहत विशेष दर्जा हासिल करेगा । अगर ऐसा होता है तो यह देश की एकता के लिए बड़ा खतरा होगा और एक नई परम्परा आरम्भ हो जाएगी।

Friday, 14 July 2017

डरना जरूरी होता है...

पूर्वांचल के बाहुबली विधायक जिसके नाम से कभी विरोधी कांपते थे आज उसे भी डर लगने लगा है। जी हां स्वयं को गरीबों का मसीहा कहने वाले मऊ से लगातार 5 वीं बार विधायक मुख्तार अंसारी को अपनी हत्या का डर सता रहा है। वैसे उनका यह डर वाजिब है क्योंकि उनपर पहले भी कई बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। पूर्वांचल में मुख़्तार  अंसारी की तूती बोलती है। किसी सीट से लगातार 5 बार विधायक चुना जाने भी अपने आप में  बहुत कुछ कहता है। विधानसभा में विस्फोटक मिलने पर मुख्तार ने शक जताया क‌ि ये साज‌िश उन्हें मारने के ल‌िए रची गई थी। उन्होंने कहा, मुझे तो ये शक है कि मेरी हत्या करने के ल‌िए ये षडयंत्र रचा गया था और इसी‌ल‌िए ये बम बारूद रखा गया था।

Thursday, 13 July 2017

झूठ और अफवाह न फैलायें और न फैलने दें

कहा गया है कि सच जब तक अपने जूते का फीता बांधता है झूठ तब तक पूरी दुनिया की सैर कर चुका होता है। मित्रों गुजारिश है कि झूठ और अफवाह न फैलाएं और न ही फैलने दें। एक सूचना में इतनी ताकत होती है कि वह दुनिया बदल सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति दो-चार बार झूठ का सामना कर ले और अगली बार वह सच पर भी विश्वास न करे। कई बार अफवाहें दंगे भड़का देती हैं। समाज मे हिंसा और विद्वेष पैदा हो जाता है। इसलिए आइये झूठ और अफवाह रोककर देश को स्वच्छ और मजबूत बनायें तथा जिम्मेदार नागरिक बनें।आप लोगो से गुजारिश है कि विश्वसनीय और पुष्ट स्रोतों की खबरों पर ही विश्वास करें।

Sunday, 2 July 2017

जीएसटी से क्या हुआ सस्ता और महंगा

जीएसटी 1 जुलाई से लागू हो गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस व्यवस्था से क्या सस्ता आैर क्या महंगा होगा। यहां हम आपको जीएसटी के बाद सस्ते होने वाले सामान के बारे में बता रहे हैं।
चित्र-एबीपी न्यूज़