कहा गया है कि सच जब तक अपने जूते का फीता बांधता है झूठ तब तक पूरी दुनिया की सैर कर चुका होता है। मित्रों गुजारिश है कि झूठ और अफवाह न फैलाएं और न ही फैलने दें। एक सूचना में इतनी ताकत होती है कि वह दुनिया बदल सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि कोई व्यक्ति दो-चार बार झूठ का सामना कर ले और अगली बार वह सच पर भी विश्वास न करे। कई बार अफवाहें दंगे भड़का देती हैं। समाज मे हिंसा और विद्वेष पैदा हो जाता है। इसलिए आइये झूठ और अफवाह रोककर देश को स्वच्छ और मजबूत बनायें तथा जिम्मेदार नागरिक बनें।आप लोगो से गुजारिश है कि विश्वसनीय और पुष्ट स्रोतों की खबरों पर ही विश्वास करें।
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