कोई तो मुझे बता दे डोकलाम में भारत-चीन सेना आमने सामने हैं वहां क्या चल रहा है ? सुना हूं उस इलाके में मीडिया के जाने पर पाबंदी है? चीन दैत्य है कुछ भी कर सकता है। 1962 वाले दिन फिर न देखने पड़ें, क्योंकि सरकार के दावे और हकीकत में अंतर है। राष्ट्र की एकता अखंडता और अश्मिता से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जा सकता। भारत सरकार को चाहिए कि वह लोगों की आशंकाओं को दूर करे। खुद को महाशक्ति बताने वाला चीन भारत को चारों तरफ से घेर चुका है। उसका हौसला इतना बढ़ चुका है कि वह अमेरिका से भी दादागीरी दिखाने लगा है। मैं समझता हूं भारत सरकार भी हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठी है लेकिन आपकी नीति और नियत दिखनी भी चाहिए। आजतक तो सरकार यहीं नहीं तय कर पाई की चीन भारत का दोस्त है या दुश्मन? खैर जो भी हो भारत का हर नागरिक जानता है कि भारत को सबसे बड़ा खतरा चीन से ही है। लगभग 2010 तक भारत सरकार अपनी रक्षा तैयारियां पाकिस्तान को ध्यान में रखकर ही करती रही। लेकिन अब वह दौर समाप्त हो गया और भारत ने अपना ध्यान चीन की तरफ भी केंद्रित किया लेकिन हकीकत यहीं है कि चीन अभी भी हमसे बहुत आगे है। भारत ने पिछले कुछ सालों से अपना लोहा पूरी दुनिया में मनवाया है और भारत की यहीं तरक्की चीन के आंख की किरकिरी बनी हुई है वह आये दिन भारत को उलझाने और उकसाने में लगा रहता है। चीन के चिढ़ की बानगी कुछ दिन पहले देखने को मिली जब नासा ने एक तस्वीर जारी की जिसमें भारत चीन से ज्यादा चमकीला दिख रहा था इसपर चीन चिढ़ गया और बोला भारत से ज्यादा चीन में विद्युतीकरण है यह तस्वीर गलत है। चीन डोकलाम के बाद 25 जुलाई को उत्तराखंड में 1 किमी अंदर घुस आया ।भारत सरकार चुप रही 6 दिन बाद मीडिया के द्वारा चीनी घुसपैठ का पता चला। कुल मिलाकर भारत सरकार क्या कर रही है यह बड़ा सवाल है। लोगों को भरोसे में लेना सरकार की जिम्मेदारी है। चीन ललकार रहा है भारत चुप्पी साधा है,ठीक है आपकी खामोशी समझ सकता हूँ। लेकिन हिंदी चीनी भाई भाई वाला हाल न हो जाये। सरकार ने सारी जानकारियां राष्ट्रीय हित की आड़ में दबा रखी है। एक सांसद महोदय ने पूछ दिया कि भारत के पास गोला बारूद का कितना स्टॉक है तो जवाब आया नहीं बता सकता देश की सुरक्षा का सवाल है। अरे भाई तुम लूट खसोट से बचकर देशहित में काम करोगे तो ऐसी स्थिति ही नहीं आएगी। जब कैग अपनी रिपोर्ट पेश करता है तो लोग बोलते हैं अरे भाई गोला बारूद की कमी थी तो आराम से बता देते। मजबूरन पार्ट टाइम रक्षामंत्री आते हैं और कहने लगते हैं नहीं नहीं यह रिपोर्ट गलत है कई साल पुरानी है। हकीकत तो आपको पता ही होगी जेटली जी देश की जनता को दिलासा की बूटी सुंघा गए, सुंघाते रहो! अकेला चीन अपनी साम्राज्यवादी नीति को लेकर कई दुश्मन पैदा कर चुका है लेकिन भारत को छोड़कर कोई उसके सामने कुछ भी नहीं। भारत की मजबूती चीन को चुभती है। वह नहीं चाहता कि भारत महाशक्ति बने।
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