Monday, 27 February 2017

विज्ञान का ज्ञान

सुसंगठित,सुव्यवस्थित,क्रमबद्ध होत है विज्ञान 
एह विधि के प्रयोग से काम हो जात है आसान।
ए विधि के प्रयोग से अन्धविश्वास होता दूर
लाखों खोज करके विज्ञान ने दिया सबूत।
मानवता की खातिर विज्ञान ने किये हैं कई काम
दिनचर्या आसान हुयी लोगों को मिला आराम।
चिट्ठी,पाती और सन्देश का काम हुआ तमाम
वीडियो काल और फ़ोन से लोग लेवें हाल-चाल।
फेसबुक,व्हाट्सएप्प यह सब हैं विज्ञान के कमाल
दुनिया हुयी मुठ्ठी में इन्टरनेट नेे फैलाया ऐसा जाल।

कहानी एक ऐसे व्यक्ति की जिनको एक घटना ने बना दिया ट्रैफिक मैन

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास अपनों के साथ समय बिताने का भी वक़्त नही है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सामाजिक सरोकारों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं निःस्वार्थ भाव से देश समाज और मानवहित में अपना योगदान देते है,जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही व्यक्ति की जिनको एक घटना नें ट्रैफिक मैन बना दिया उन्होंने अपने जीवन से कुछ कीमती वक़्त निकाल कर समाजहित और जनहित में लगा दिया  वह शख्स हैं डॉ. कृष्ण यादव जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के  रहने वाले हैं वह इस समय नोएडा सेक्टर-55 में  रहते हैं वह पेशे से आयुर्वेद के डॉक्टर हैं परिवार में पत्नी सहित तीन बेटियां और एक बेटा है। इन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर 2011 को मैं जाम में फंसा था एक एम्बुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रही और अगले दिन पता चला की एम्बुलेंस में ,मौजूद मरीज की मौत हो गयी। यह सुनकर उन्हें  काफी दुःख हुआ और इस घटना ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया उन्होंने  यातायात के नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया। वह प्रतिदिन 2 घंटे यातायात संचालन करते हैं इसके अलावा वह रास्ते से जा रहे होते हैं और कहीं जाम दिखता हैं तो वह बाइक साइड में खड़ा ट्रैफिक संचालन शुरू कर देते हैं इसके लिए उन्होंने एक छोटा सा लाउडस्पीकर और माइक भी खरीद रखा है। उनके ट्रैफिक संचालन की जानकारी जब पुलिस को  हुयी तो यातायात पुलिस भी इनको जागरूकता  अभियानों में बुलाने लगी। कई बार यह स्कूलों में भी जाकर बच्चों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरुक करते हैं।इनको कई बार यातायात पुलिस द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। ऐसे लोगों को देखकर पता चलता है कि समाज में आज भी ऐसे लोग है जो सामाजिक सरोकारों और मानवता के प्रति संवेदनशील हैं।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विशेष

विज्ञान दिवस 28 फरवरी को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है इसका उद्देश्य  विज्ञान से होने वाले लाभों को आमजन तक पहुँचाना  एवं लोगों में जागरूकता लाना होता  है मानव सभ्यता का विकास विज्ञान के बिना संभव होना मुश्किल था । आज हम जो  सुविधाजनक जीवन जी रहें है वह सब कुछ इसी की देन है । कुछ अपवादों को छोड़ दे तो मानवता के कल्याण के विज्ञान का अमूल्य योगदान है । उन्नत वैज्ञानिक सोच हमें प्रगतिशील और प्रबुद्ध समाज के रूप में उभरने के लिए प्रेरित करती है ।  विज्ञान के बिना कुछ भी संभव नहीं है। जीवन के हर पहलू में अब इसका समावेश हो चुका है। बल्कि यूँ कहें की विज्ञान जीवन का अभिनय अंग बन गया है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विज्ञान ने जहां एक तरफ मानव जाती की भलाई के लिए काम किया है वहीँ दूसरी तरफ उसने कई चुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गाँधी ने कहा था कि विज्ञान ने हमारेजीवन को जितना ही आसान बनाया है उतनी हीचुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं निः संदेह दुनियां में बढ़ रही हथियारों की होड़ आगे काफी भयानक हो सकती है अगर ये हथियार गलत हांथो में पड़ गए या किसी देश ने एक इस्तेमाल के दिया तो मानवता के लिए ये काफी भयानक होगा  



Sunday, 26 February 2017

मऊ में मोदी पर हो सकता है आतंकी हमला

27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूपी के मऊ जिले में रैली है सुरक्षा एजेंसियों ने यह आशंका जताई है कि नरेंद्र मोदी पर बम या राकेट लाँचर से हमला किया जा सकता है। चुनाव के दौरान ही पाकिस्तान मे बैठे नरेंद्र मोदी को मारने की योजना बना रहे हैं। इस समय पूर्वांचल मे कुछ आतंकवादियो के छिपे होने की भी आशंका व्यक्त की गई है। इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति बनाने मे लगी हुई हैं। ज्ञातव्य है कि कल नरेंद्र मोदी की मऊ मे रैली होनी है।अपर पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले पर रॉकेट लांचर से हमला हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से सम्बन्धित कुछ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था, फिर भी वर्तमान में इन क्षेत्रो में ऐसो लोंगो की उपस्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है।डीजीपी और एडीजी लॉ एंड आर्डर ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है।

Wednesday, 15 February 2017

सलाम इंडिया...सलाम इसरो


एक साथ 104 उपग्रहों की रिकॉर्ड लांचिंग पर सबसे पहले इसरो के वैज्ञानिकों और पूरी टीम को बधाई। मंगलयान की कामयाबी के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने बुधवार को सफलता का जो परचम फहराया है उससे पूरी दुनिया दंग है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई दी है। आपको बता दें कि साल 2013 में भारत ने मंगल ग्रह का रूख़ किया और पहला मिशन मंगलयान मंगल ग्रह पर भेजा। भारत के इस मिशन की क़ामयाबी यह थी कि मंगलयान मिशन पहली बार में ही मंगल ग्रह पर पहुंच गया। अमरीका, रूस और चीन समेत कोई भी देश मंगल ग्रह पर अपनी पहली कोशिश में पहुंचने में सफल नहीं हो पाया था।
 कम खर्च पर मंगलयान छोड़ने के बाद एक साथ 104 उपग्रहों की रिकॉर्ड लांचिंग करने वाले इसरो के शुरुआती दिनों को देखें तो आपको यह जानकर और भी आश्चर्य होगा कि इसरो ने अपने सफर की शुरूआत साइकल और बैलगाड़ी से की थी। डॉ. विक्रम साराभाई द्वारा 15 अगस्त 1969 में इसरो की स्थापना की गई थी। भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों की शुरुआत डॉ विक्रम ए साराभाई की सूझबूझ से ही हुई। प्रारम्भिक दौर में देश के वैज्ञानिक पहला रॉकेट साइकल से प्रक्षेपण स्थल तक ले गए थे। दूसरा रॉकेट काफी भारी और बड़ा था इसलिए उसे बैलगाड़ी पर लादकर प्रक्षेपण स्थल तक ले जाया गया। उस वक्त नारियल के पेड़ों को लांचिंग पैड बनाया गया था। तब किसी को नहीं पता था कि आगे चलकर इसरो का हाथ थामना दुनिया के किसी भी देश के लिए आसान नहीं रह जाएगा। अब दुनिया में कोई नहीं है इसरो की टक्कर में और उपग्रहों की लांचिंग किफायती होने दुनिया के अन्य देश भी भारत से अपने उपग्रह प्रक्षेपित कराने में रूचि लेने लगे हैं। 104 उपग्रहों की सफलता इस बात का संकेत है कि भारत अंतरिक्ष बाजार के अरबों डॉलर के बाजार में तेजी से उभरेगा।

Sunday, 12 February 2017

गृह मंत्रालय की वेबसाइट हैक,आम आदमी का क्या होगा ?

गृह मंत्रालय की वेबसाइट हैक होने की संभावना जताई जा रही है। यह कोई पहली घटना नही है इससे पहले इसरो सहित देश के के कई अन्य प्रतिष्ठित एवं संवेदनशील संस्थानों की वेबसाइट हैक हो चुकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि जब गृह मंत्रालय और इसरो की वेबसाइट हैक हो सकती है तो आम आदमी का क्या होगा ? देश में साइबर धोखाधड़ी लगातार बढ़ रही है आम आदमी तमाम सुरक्षा उपायों के वावजूद चिंतित है कही लोगों के पैसे उनके एटीएम से गायब हो जाते हैं तो कहीँ लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां चोरी हो जाती हैं। इंटरनेट ने निःसंदेह हमे काफी सहूलियतें प्रदान की है लेकिन कुछ लोग इसका दुरुपयोग कर देश तथा लोगों को नुकसान पंहुचा रहे हैं कई बार वेबसाइट हैक करके आपत्तिजनक शब्द लिख दिए जाते हैं तो के बार पाकिस्तानी झंडे लगा दिए जाते हैं अभी कुछ दिनों पहले राहुल गांधी का ऑफिसियल ट्वीटर अकाउंट हैक हो गया था। आज के दौर में न चाहते हुए भी बहुत सारे काम इन्टरनेट के बिना अधूरे हैं हमे इसका सहारा लेना ही पड़ता है। पासवर्ड मजबूत रखने,नियमित समय पर बदलते रहने,असुरक्षित तथा फर्जी वेबसाइट्स  पर न जाने के अतिरिक्त विभिन्न सुरक्षा उपायों का प्रयोग कर आप हैकिंग के खतरे को कम कर सकते हैं।

मोदी करते हैं मीडिया की भी मदद!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषण कला में माहिर हैं उनके भाषणों में मीडिया को ज्यादा हेडिंग की तलाश नही करनी पड़ती चाहे चुनावी भाषण हो या विदेश जाकर जनसभाओं को संबोधित करने की बात, मोदी जहां भी बोलते हमेशा कुछ दिलचस्प और नया सुनने को मिलता है। इसी तरह रविवार को भी पीएम मोदी ने एक रैली से एक नए अंदाज में भ्रष्टाचारियों को चेतावनी दी। पीएम मोदी सख्त अंदाज में कहा न चैन से बैठूंगा और न चैन से बैठने दूँगा। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रचार के दौरान मोदी ने देश से भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा करते हुए जनता से वादा किया था कि,न मैं खाऊंगा और न खाने दूंगा। प्रधानमंत्री ने उड़ी आतंकी हमले के बाद सिंधु जलसंधि की समीक्षा करते हुए भी कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नही बह सकते। इन सबसे मीडिया का काम भी मोदी जाने अनजाने में आसान कर देते हैं क्योंकि खबर को हेडिंग देना काफी माथापच्ची वाला काम होता है। प्रसिद्ध पत्रकार और संपादक सी वाई चिंतामणि ने कहा था Heading is Headaches. यानि शीर्षक देना सरदर्द है। एस लिहाज से मोदी मीडिया का काम आसान कर देते हैं और अधिकतर मीडिया में उनके कहे गए शब्दों को अक्षरसः शीर्षक बना दिया जाता है। मोदी जी के बोलने का अंदाज और लोगों से संवाद करने की कला निराली है। यूपी विधानसभा चुनाव में लोकसभा चुनाव के जैसा कमल खिलाने में मोदी कितने कामयाब होते हैं यह वक़्त ही बताएगा लेकिन भाजपा ने मोदी को आगे क्र पूरा जोर लगा दिया है।

Saturday, 11 February 2017

यूपी: क्या कहती है पहले चरण की वोटिंग...

उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण की वोटिंग के बाद एक बात तय हो गयी है कि मतदाताओं ने किसी बड़े परिवर्तन के लिए वोट नही किया है और न ही लोगों ने लोगों ने सरकार के खिलाफ गुस्सा होकर बड़ी संख्या में मतदान किया है। आपको बता दें कि प्रथम चरण के चुनाव में 63 फीसदी मतदान हुआ है इससे एक बात साफ होती है कि किसी की आँधी नही है और वोटर चुपके से मतदान कर रहा है। यूपी में जैसा की पहले भी होता आया है जनता का मूड भांप पाना बड़ा मुश्किल होता है जितने भी सर्वेक्षण आते हैं वो चुनाव परिणामों पर पूरी तरह से खरे नही उतरते। आपको बता दें कि यूपी में 7 चरणों में 11 फरवरी से 8 मार्च तक वोट डाले जायेंगे और वोटों की गिनती 11 मार्च को होगी। इस बार की होली हर्षोल्लास से कौन बनायेगा यह तो मतगणना के बाद ही तय होगा लेकिन इस बार कोई दल पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा पुरे यकीन के साथ नही कर पा रहा है।

Thursday, 9 February 2017

वैलेंटाइन डे और वैलेंटाइन वीक जानें कब क्या ?

फ़रवरी महीने में रोज डे के साथ वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो चुकी है। इस हफ्ते का इंतेजार प्यार करने वाले बहुत ही बेसब्री से करते हैं इसमे सबसे अंतिम दिन वैलेनटाइन डे होता है। इस दिन को संत वैलेनटाइन के जन्मदिन के तौर पर भी मनाया जाता है।
ऐसा नहीं है वैलेनटाइन वीक केवल प्रेमी जोड़े के लिए होता है। इसे आप हर उस शख्स के साथ मना सकते हैं जिससे आप प्यार कर सकते हैं। वो आपके पैरेंट्स, दोस्त, भाई-बहन, बच्चे, दादा-दादी, नाना-नानी आदि कोई भी हो सकता है।
इस हफ्ते में रोज डे, प्रपोज डे, चॉकलेट डे, टैडी डे, प्रॉमिस डे, किस डे, हग डे और वैलेनटैइन डे आता है। यहां हम आपको हर दिन का मतलब बताएँगे।
7 फरवरी रोज डे - हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत रोज डे के साथ होती है। इस दिन आप जिससे प्यार करते हैं उन्हें गुलाब का फूल देकर अपनी भावनाओं से अवगत करवा सकते हैं।
8 फरवरी प्रपोज डे- दूसरा दिन प्रपोज डे का होता है। इस दिन प्रेमी जोड़ा एक-दूसरे को प्रपोज करता है।
9 फरवरी चॉकलेट डे- चॉकलेट तो सभी को पसंद होती है। प्यार का इजहार करने के लिए चॉकलेट का सहारा लिया जा सकता है इससे सामने वाले की नाराजगी को पल भर में दूर किया जा सकता है। इस दिन चॉकलेट देने से प्यार बढ़ता है।
10 फरवरी टैडी डे- लड़कियों को टैडी बहुत पसंद होता है। टैडी को पूरी दुनिया में प्यार का प्रतीक माना जाता है। बचपन के साथ ही यह आपकी जवानी के भी साथी होते हैं।
11 फरवरी प्रॉमिस डे- वादे हर रिश्ते की आधारशिला होते हैं। इस दिन आप जिससे प्यार करते हैं उनसे कोई खास वादा कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे ऐसा वादा ना कर बैठें जिसे आप बाद में निभा ना सकें। इसलिए वादा सोच-समझकर करें।
12 फरवरी किस डे- वैलेनटाइन वीक के छठे दिन को किस डे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी युगल किस के जरिए अपने प्यार का अहसास पार्टनर को करवाते हैं।
13 फरवरी हग डे- गले लगाकर आप बहुत से रुठे हुए अपने प्रियजनों को मना सकते हैं। इस दिन आप गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाकर अपनी भावनाओं का अहसास दिला सकते हैं। हग प्यार, केयर और प्रोटेक्शन को दर्शाता है।
14 फरवरी वैलेनटाइन डे- यह दिन प्यार करने वालों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दिन को प्रेमी जोड़ा एक-दूसरे के लिए स्पेशल बनाने के साथ ही उसे कभी ना भूलने वाला दिन बनाने की कोशिश करते हैं। एक सप्ताह चलने वाले प्यार के त्योहार का अंत वैलेंटाइन डे के साथ ही हो जाता है।