विज्ञान दिवस 28 फरवरी को प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाता है इसका उद्देश्य विज्ञान से होने वाले लाभों को आमजन तक पहुँचाना एवं लोगों में जागरूकता लाना होता है। मानव सभ्यता का विकास विज्ञान के बिना संभव होना मुश्किल था । आज हम जो सुविधाजनक जीवन जी रहें है वह सब कुछ इसी की देन है । कुछ अपवादों को छोड़ दे तो मानवता के कल्याण के विज्ञान का अमूल्य योगदान है । उन्नत वैज्ञानिक सोच हमें प्रगतिशील और प्रबुद्ध समाज के रूप में उभरने के लिए प्रेरित करती है ।
विज्ञान के बिना कुछ भी संभव नहीं है। जीवन के हर पहलू में अब इसका समावेश हो चुका है। बल्कि यूँ कहें की विज्ञान जीवन का अभिनय अंग बन गया है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विज्ञान ने जहां एक तरफ मानव जाती की भलाई के लिए काम किया है वहीँ दूसरी तरफ उसने कई चुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गाँधी ने कहा था कि विज्ञान ने हमारेजीवन को जितना ही आसान बनाया है उतनी हीचुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं निः संदेह दुनियां में बढ़ रही हथियारों की होड़ आगे काफी भयानक हो सकती है अगर ये हथियार गलत हांथो में पड़ गए या किसी देश ने एक इस्तेमाल के दिया तो मानवता के लिए ये काफी भयानक होगा ।
विज्ञान के बिना कुछ भी संभव नहीं है। जीवन के हर पहलू में अब इसका समावेश हो चुका है। बल्कि यूँ कहें की विज्ञान जीवन का अभिनय अंग बन गया है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विज्ञान ने जहां एक तरफ मानव जाती की भलाई के लिए काम किया है वहीँ दूसरी तरफ उसने कई चुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गाँधी ने कहा था कि विज्ञान ने हमारेजीवन को जितना ही आसान बनाया है उतनी हीचुनौतियाँ भी पैदा कर दी हैं निः संदेह दुनियां में बढ़ रही हथियारों की होड़ आगे काफी भयानक हो सकती है अगर ये हथियार गलत हांथो में पड़ गए या किसी देश ने एक इस्तेमाल के दिया तो मानवता के लिए ये काफी भयानक होगा । 
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