पाकिस्तान जेल में बंद भारतीय नेवी अफसर कुलदीप जाधव मामले में भारत सरकार और विदेश मंत्रालय कुछ कर रहे हैं या फिर 60 दिन पूरा होने का इन्तेजार कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत हर वह चीज करेगा, जिससे उनकी रिहाई तय हो सके। सुषमा स्वराज ने तो दो कदम आगे बढ़कर कहा था कि वह पूरे भारत का बेटा है उसको बचाने के लिए रास्ते से कुछ अलग हट कर भी करना पड़े तो करेंगे।
सवाल यहीं है कि क्या भारत सरकार अंदर ही अंदर कूटनीतिक या अन्य प्रयास कर रही है या सो रही है? क्या पाकिस्तान द्वारा सीमा पर दो जवानों के साथ की गयी अमानवीय हरकत भारत का ध्यान बताने के लिए है? एक सवाल यह भी उठता है कि भारत सरकार अचानक क्यों जागती है यदि कुलभूषण मामले में पहले से ही दबाव बनाया जाता तो हो सकता था स्थिति कुछ और होती। मुझे लगता है अब समय काफी कम है और भारत सरकार को कुछ अलग करना होगा तभी कुलभूषण जाधव को बचाया जा सकता है अन्यथा पाकिस्तान की हकीकत सबको पता है। वहां कुछ ही दिन में मुकदमा चला कर फाँसी भी दे दी जाती है और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती। भारत पाकिस्तान से उम्मीद क्यों लगाए बैठा है न वहां मानवाधिकार की रक्षा होती है और न ही कोर्ट और न्याय नाम की कोई चीज है।पाकिस्तान भारत नहीं है कि न्याय के लिए आधी रात को कोर्ट खुल जाए। जब भारत के पास सामर्थ्य है तो उसका प्रयोग करे। शक्ति शांति स्थापित करने के लिए विकसित की जाती है यह कब समझेगा भारत। बड़ा दिल दिखाने के दिन अब लद गए जैसे को तैसा का जमाना है।
Saturday, 6 May 2017
कुलदीप जाधव मामले में क्या कर रही है भारत सरकार?
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